PM मोदी
PM Modi Japan Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जापान यात्रा कई मायनों में खास रही. जापान (Japan) से उनका संबंध आज से नहीं है, बल्कि जब वह गुजरात के मुख्यमंत्री थे, तब भी उन्होंने जापान की यात्रा की थी, जो अब एक मजबूत साझेदारी की मिसाल बन चुकी है.
पीएम मोदी ने अपने कार्यकाल के दौरान जापान के नेतृत्व के साथ रिश्तों को मजबूत किया और विकास के कई अहम विचारों को आत्मसात किया, इसके साथ ही भारत में निवेश को भी प्रोत्साहित किया.
PM Modi is in Japan, further strengthening a partnership he has been nurturing since his days as Chief Minister of Gujarat. During his tenure as CM and later as PM, Narendra Modi visited Japan multiple times, forging strong ties with its leadership, absorbing key ideas on… pic.twitter.com/niNYGTcbMQ
— Modi Story (@themodistory) August 30, 2025
बाबा कल्यानी ने साझा किया दिलचस्प किस्सा
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर ‘मोदी स्टोरी’ नामक अकाउंट से एक पोस्ट शेयर किया गया. इसमें उद्योगपति बाबा कल्यानी एक दिलचस्प किस्सा साझा करते हैं, जो उस दौरे में हुआ था. पीएम मोदी ने भारतीय उद्योगपतियों के एक दल का नेतृत्व करते हुए 300 से ज्यादा जापानी व्यापारिक प्रमुखों से मुलाकात की.
कल्यानी के अनुसार, उन्होंने जापानी व्यापारियों में विश्वास जगाने के लिए भारतीय दल को एकजुट होकर खड़े होने और एक साथ जापानी व्यापारियों को भारत में निवेश करने का निमंत्रण देने का आग्रह किया.
जापानी संस्कृति में सामूहिक प्रयास का महत्व
उन्होंने कहा, “तब सीएम रहे नरेंद्र मोदी ने यह समझा कि जापानी संस्कृति में सामूहिक प्रयास को बहुत महत्व दिया जाता है. जब जापानी व्यापारियों ने भारतीय दल को एकजुट देखा, तो यह एक शक्तिशाली संदेश गया.”
यह घटना पीएम मोदी की सांस्कृतिक संवेदनशीलता और वैश्विक मंच पर भारत के हितों को बढ़ावा देने की उनकी सक्रिय दृष्टि का एक और उदाहरण है.
पीएम मोदी आज भी विभिन्न देशों की संस्कृति को गहराई से समझते हैं. वे जिस देश की यात्रा पर जाते हैं, वहां की संस्कृति में रंगे हुए नजर आते हैं.
भारत और जापान के बीच कई क्षेत्रों में साझेदारी
फिलहाल, पीएम मोदी ने अपनी जापान की यात्रा पूरी कर ली है. वे जापान में विभिन्न बैठकों में शामिल हुए. उनकी यात्रा के दौरान भारत और जापान के बीच कई क्षेत्रों में साझेदारी को लेकर बात बनी है, जैसे आने वाले पांच वर्षों में पांच लाख कारीगर दोनों देशों में रोजगार करने के लिए जाएंगे.
इसके साथ ही, चंद्रयान-5 अभियान में भारत और जापान साथ मिलकर इसे अंजाम देंगे और अंतरिक्ष की दुनिया में नई बुलंदियों को हासिल करेंगे.
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