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पीएम मोदी की नई गारंटी: 125 दिन का रोजगार, VB-G-RAM-G से ग्रामीण रोजगार व्यवस्था में ऐतिहासिक सुधार

पीएम मोदी ने VB-G-RAM-G अधिनियम लागू किया. 125 दिन का रोजगार, सीधी मजदूरी, पारदर्शी व्यवस्था से ग्रामीण रोजगार में ऐतिहासिक सुधार.

PM Modi launches Viksit Bharat Rural Employment Guarantee Mission

PM Modi on VB-G-RAM-G: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ग्रामीण रोजगार और आजीविका के लिए एक महत्वाकांक्षी कदम उठाते हुए विकसित भारत रोजगार और आजीविका गारंटी मिशन (VB-G-RAM-G) अधिनियम को लागू किया है. यह कानून ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आजीविका सुरक्षा को मजबूत करने के लिए पुराने कल्याण ढांचे पर आधारित है. नई व्यवस्था पारदर्शिता, जवाबदेही और श्रमिकों की गरिमा को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है, और केवल प्रतीकात्मक बदलाव तक सीमित नहीं है.

125 दिनों का रोजगार सुनिश्चित किया जाएगा

कानून के अनुसार, ग्रामीण श्रमिकों के लिए वार्षिक 125 दिन का रोजगार सुनिश्चित किया जाएगा, जो पिछले 100 दिनों की सीमा से बढ़ाया गया है. श्रमिकों को यदि निर्धारित समय में रोजगार नहीं मिलता है, तो उन्हें बेरोजगारी भत्ता दिया जाएगा. इस प्रकार, राज्य अपनी क्षमता और नीति के अनुसार 125 दिन से अधिक रोजगार देने का विकल्प चुन सकते हैं, जिससे ग्रामीणों की आजीविका और सुरक्षा दोनों मजबूत होती हैं.

कानून में 60 दिन की अनिवार्य अवकाश अवधि का प्रावधान भी रखा गया है, ताकि कृषि की मुख्य फसल सीजन के दौरान श्रमिक उपलब्ध रह सकें. राज्य सरकारें इस अवधि को अपने कृषि चक्र के अनुसार तय कर सकती हैं. इस दौरान केंद्रीय और राज्य सरकार के बीच वित्तीय हिस्सेदारी का संतुलन भी सुनिश्चित किया गया है. केंद्र वर्तमान में सामग्री लागत का 75% और राज्य 25% का भार वहन करेंगे. इससे न केवल वित्तीय अनुशासन बढ़ता है, बल्कि राज्यों की परियोजनाओं में स्वामित्व और जिम्मेदारी भी मजबूत होती है.

सीधे बैंक खाते में जमा होगा पैसा

नई योजना में मांग आधारित प्रणाली की जगह आपूर्ति आधारित प्रणाली लाई गई है. ग्रामीण कार्य अब विकसित ग्राम पंचायत योजनाएं के माध्यम से नियोजित होंगे, जो ब्लॉक, जिला और राज्य स्तर पर समेकित होकर विकसित भारत राष्ट्रीय ग्रामीण अवसंरचना स्टैक (VBNRIS) में शामिल होंगे. इस तरह केवल उन कार्यों के लिए रोजगार खोला जाएगा जो पूर्व-स्वीकृत संपत्ति से जुड़े हों.

भ्रष्टाचार और फर्जीवाड़े को रोकने के लिए कानून में तकनीकी सुधार भी किए गए हैं. बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली और इंडिया स्टैक के एकीकरण से ‘घोस्ट बेनेफिशियरी’ की समस्या खत्म होगी. पहले जहां केवल 0.76 करोड़ श्रमिकों की पहचान आधार के माध्यम से हुई थी, अब राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक फंड प्रबंधन प्रणाली (NeFMS) पूरे देश में लागू है, जिससे मजदूरी सीधे श्रमिक के बैंक खाते में जमा होती है.

VB-G-RAM-G कानून यह भी सुनिश्चित करता है कि मजदूरी मौजूदा वेतन दर से कम न हो, और केवल ऊपर की ओर संशोधित की जा सकती है. केंद्र को वेतन दरों को अद्यतन करने का अधिकार दिया गया है, ताकि महंगाई और स्थानीय आर्थिक परिस्थितियों के अनुसार वेतन सही ढंग से तय किया जा सके.


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पीएम का मास्टर प्लान

इसके अलावा, पीएम गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के साथ एकीकरण के माध्यम से स्थानीय विकास का समग्र और समन्वित दृष्टिकोण सुनिश्चित किया गया है. राज्यों, जिलों और ग्राम पंचायतों स्तर पर योजना और कार्यान्वयन को अधिक जवाबदेह और परिणाम-आधारित बनाया गया है.

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ग्रामीण गरीबी 2011-12 में 25.7% से घटकर 2023-24 में केवल 4.86% रह गई है. ग्रामीण रोजगार ढांचे को नया रूप देकर, इस कानून ने सुनिश्चित किया है कि श्रमिकों को न केवल स्थायी रोजगार मिले, बल्कि सार्वजनिक निधियों का उपयोग पारदर्शी, नियोजित और टिकाऊ संपत्ति निर्माण में हो.

VB-G-RAM-G एक्ट का यह बदलाव केवल नाम का नहीं है, यह कानूनी सुरक्षा, रोजगार गारंटी, श्रमिक अधिकार और शिकायत निवारण तंत्र को बरकरार रखता है. इस नई पहल से भारत का ग्रामीण रोजगार ढांचा अधिक मजबूत, जवाबदेह और आधुनिक बन गया है.

-भारत एक्सप्रेस



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