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‘अपनी पुरानी पहचान को दोबारा प्राप्त करेगा बंगाल’ हालिया जनादेश का जिक्र कर पीएम मोदी ने राज्य सरकार को दिया तरक्की का मंत्र

PM Modi In Bengal: पश्चिम बंगाल दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्य के लोगों और राज्य नेतृत्व को शुभकामनाएं दी. उन्होंने इस दिन को बंगाल की महान सांस्कृतिक, बौद्धिक और आध्यात्मिक विरासत का उत्सव बताया.

PM Modi In Bengal

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PM Modi In Bengal: पश्चिम बंगाल दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्य के लोगों और राज्य नेतृत्व को शुभकामनाएं दी. उन्होंने कहा कि यह दिन केवल एक राज्य के गठन का स्मरण नहीं है, बल्कि पश्चिम बंगाल की महान सांस्कृतिक, बौद्धिक और आध्यात्मिक विरासत का उत्सव भी है. उन्होंने कहा कि उन्हें तारकेश्वर जैसी ऐतिहासिक और धार्मिक भूमि पर इस अवसर का हिस्सा बनकर विशेष प्रसन्नता हो रही है.

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत के इतिहास में पश्चिम बंगाल का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है. जब भी देश को नए विचारों, सामाजिक सुधारों, साहित्यिक उत्कृष्टता, कला, विज्ञान या आध्यात्मिक मार्गदर्शन की आवश्यकता पड़ी, तब बंगाल ने देश को महान व्यक्तित्व और नई दिशा प्रदान की. बंगाल पुनर्जागरण ने पूरे भारत में नई चेतना जगाई और देश को अनेक विद्वान, समाज सुधारक, वैज्ञानिक तथा चिंतक दिए.

उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन में बंगाल की भूमिका का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि “वंदे मातरम्” का उद्गम भी इसी भूमि से हुआ, जिसने करोड़ों भारतीयों के मन में राष्ट्रभक्ति की भावना जगाई. इस वर्ष वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि हाल ही में विदेश यात्रा के दौरान भी इस गीत की लोकप्रियता देखने को मिली, जो इसकी वैश्विक पहचान को दर्शाती है.

बंगाल के इतिहास का विशेष दिन है 20 जून

प्रधानमंत्री ने कहा कि 20 जून पश्चिम बंगाल के इतिहास में एक विशेष दिन है. इसी दिन लिए गए ऐतिहासिक निर्णयों के कारण पश्चिम बंगाल भारत का अभिन्न हिस्सा बना रहा. उन्होंने कहा कि इस दिन को राज्य स्थापना दिवस के रूप में मनाने का निर्णय नई पीढ़ी को अपने इतिहास से जोड़ने का महत्वपूर्ण प्रयास है. इस अवसर पर उन्होंने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के योगदान को याद करते हुए कहा कि उन्होंने कठिन परिस्थितियों में पश्चिम बंगाल को भारत के साथ बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी.

उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल दिवस उन लाखों परिवारों के संघर्ष और बलिदान को भी याद करने का अवसर है, जो विभाजन के समय प्रभावित हुए थे. यह दिन लोकतांत्रिक मूल्यों, संवैधानिक प्रक्रियाओं और राष्ट्रीय एकता का प्रतीक है.

प्रधानमंत्री ने हाल के विधानसभा चुनावों का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य की जनता ने बड़े उत्साह से मतदान किया और विकास, सुशासन तथा नई आशाओं के पक्ष में जनादेश दिया. उन्होंने कहा कि लोगों की अपेक्षा है कि पश्चिम बंगाल अपनी पुरानी गौरवशाली पहचान को पुनः प्राप्त करे और विकास के नए मार्ग पर आगे बढ़े.

पुरानी गौरवशाली पहचान दोबारा प्राप्त करेगा बंगाल

राज्य सरकार के शुरुआती कार्यों की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत योजना को लागू करने से करोड़ों लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ मिलेंगी. महिलाओं के लिए बस यात्रा से जुड़ी योजनाएँ, अन्नपूर्णा योजना, माँ आहार योजना का विस्तार तथा सरकारी कर्मचारियों के हित में लिए गए फैसले जनकल्याण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं.

उन्होंने यह भी कहा कि निवेश आकर्षित करने, कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने और गोरखा समुदाय से जुड़े मुद्दों के समाधान की दिशा में किए जा रहे प्रयास राज्य के विकास में सहायक होंगे. केंद्र सरकार पश्चिम बंगाल के विकास में हर संभव सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है. जल जीवन मिशन, रेलवे और आधारभूत ढाँचे से जुड़ी परियोजनाओं के लिए बड़े पैमाने पर वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जा रही है.

बंगाल में उद्योग की अपार संभावनाएं

प्रधानमंत्री ने कहा कि पश्चिम बंगाल में उद्योग, मत्स्य पालन, खाद्य प्रसंस्करण, वस्त्र उद्योग, पर्यटन, बंदरगाह आधारित विकास और डिजिटल अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में अपार संभावनाएँ हैं. राज्य की भौगोलिक स्थिति इसे व्यापार और संपर्क का एक महत्वपूर्ण केंद्र बना सकती है.

उन्होंने किसानों के कल्याण पर विशेष बल देते हुए कहा कि सिंचाई, फसल विविधीकरण, बेहतर बाजार व्यवस्था और कृषि उत्पादों में मूल्य संवर्धन के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जा सकता है.

भारत के महान शहरों में से एक है कोलकाता

कोलकाता के बारे में उन्होंने कहा कि यह भारत के महान शहरों में से एक है और इसे उसकी ऐतिहासिक प्रतिष्ठा के अनुरूप आधुनिक सुविधाएँ मिलनी चाहिए. बेहतर परिवहन, सड़कें, आवास, स्वच्छता और विरासत संरक्षण के साथ शहर को एशिया के प्रमुख महानगरों में फिर से स्थापित किया जा सकता है.

अंत में प्रधानमंत्री ने राज्य सरकार से अल्पकालिक, मध्यमकालिक और दीर्घकालिक विकास लक्ष्य निर्धारित करने का आग्रह किया ताकि पश्चिम बंगाल तेज़ी से प्रगति कर सके और वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सके.

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उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि पश्चिम बंगाल अपनी समृद्ध संस्कृति, रचनात्मकता, ज्ञान और परिश्रम के बल पर देश की प्रगति में और अधिक योगदान देगा तथा विकास और समृद्धि के नए आयाम स्थापित करेगा.

-भारत एक्सप्रेस



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