पद्मश्री से सम्मानित और कजरी गायिका उर्मिला श्रीवास्तव ने महिला आरक्षण विधेयक को लेकर पीएम मोदी की तारीफ की. उर्मिला श्रीवास्तव ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत करते हुए कहा कि बहुत खुशी की बात है. अगर महिला आरक्षण विधेयक पारित होता है तो हमारी राजनीतिक भागीदारी बढ़ जाएगी. महिलाओं अपनी बातें कह सकेंगी. बहुत दिनों से सुन रहे थे, लेकिन आज तक लागू नहीं हुआ था.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महिलाओं के लिए इतना सोच रहे हैं. राजनीति में पुरुषों के बराबर महिलाएं अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करेंगी.
महिला आरक्षण बिल को लेकर बढ़ा समर्थन
महिला आरक्षण बिल पर पीएम मोदी के लेख के बारे में पद्म पुरस्कार विजेता शशि सोनी ने कहा कि अगर महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण मिलता है, तो उन्हें संसद में आगे आना चाहिए. ऐसी महिलाएं जो सच्चाई के रास्ते पर चल सकें, शांति बनाए रख सकें और बदलाव भी ला सकें. महिलाओं से मेरी यही अपील है. मैंने अपना जीवन इसी के लिए समर्पित कर दिया है, और अगर मुझे मौका मिला, तो मैं दिखाऊंगी कि हम कितनी दूर तक जा सकते हैं और क्या-क्या हासिल कर सकते हैं. आज, मैं पीएम मोदी के सामने नतमस्तक होती हूं और देश के लिए उन्होंने जो कुछ किया है और उनका जो विजन है. जिसके बारे में पहले किसी नेता ने नहीं सोचा था.
चुनावी सफर में महिलाओं को झेलनी पड़ती हैं चुनौतियां
महिला आरक्षण बिल पर शिक्षाविद् डॉ. रितु दुबे तिवारी ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत करते हुए कहा कि अगर हम अपनी जनसांख्यिकीय व्यवस्था को देखें तो लगभग आधी आबादी महिलाओं की है, लेकिन जब राजनीतिक भागीदारी की बात आती है तो इन महिलाओं को कई बाधाओं को पार करना पड़ता है. इस समय, इन महिलाओं से कोई नहीं समझ सकता कि उन्होंने अपने निर्वाचन क्षेत्रों से लेकर लोकसभा सीट तक का जो सफर तय किया है, उस दौरान उन्हें किन चुनौतियों, रुकावटों और परीक्षाओं का सामना करना पड़ा है, ताकि वे उस मुकाम तक पहुंच सकें.
महिला आरक्षण विधेयक पर यूपी पुलिस की काउंसलर और सामाजिक कार्यकर्ता रितु नारंग ने कहा कि यह एक बहुत ही ऐतिहासिक पहल है, और इस पर कई वर्षों से चर्चा हो रही है.
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-भारत एक्सप्रेस
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