PM Rashtriya Bal Puraskar 2025: शुक्रवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने वीर बाल दिवस के मौके पर देश भर से चुने गए कुल 20 बच्चों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से सम्मानित किया. ये बच्चे 18 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से चुने गए. इनमें भारत के स्टार क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी भी शामिल थे.
14 साल के वैभव सूर्यवंशी राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार के लिए आज दिल्ली पहुंचे. जहां उन्हें राष्ट्रपति मुर्मू ने सम्मानित किया. गौरतलब है कि विजय हजारे ट्रॉफी में बिहार की तरफ से खेल रहे वैभव जबरदस्त फॉर्म में नजर आ रहे हैं, लेकिन आज पुरस्कार वितरण में उपस्थित रहने की वजह से मणिपुर से हो रहे मैच में वो अपनी टीम में शामिल नहीं हो पाये.
President Droupadi Murmu conferred the Pradhan Mantri Rashtriya Bal Puraskar for exceptional achievements in the fields of Bravery, Social Service, Environment, Sports, Art & Culture and Science & Technology at a ceremony held in New Delhi. Congratulating the recipients, the… pic.twitter.com/4TpzL9wPHa
— President of India (@rashtrapatibhvn) December 26, 2025
गुजरात की लक्ष्मी हुईं सम्मानित
गुजरात के सूरत की रहने वाली 7 साल की शतरंज खिलाड़ी वाका लक्ष्मी प्रज्ञिका को भी खेल क्षेत्र में पुरस्कार दिया गया. उन्होंने 2025 के फिडे वर्ल्ड स्कूल चेस चैंपियनशिप में अंडर-7 में वर्ल्ड चैंपियन का खिताब जीता.
माउंटेनियर विश्वनाथ को मिला सम्मान
वहीं तेलंगाना के रहने वाले 16 साल के विश्वनाथ कार्तिकेय पदकांति को भी खेल क्षेत्र में उनके बेहतरीन योगदान को देखते हुए बाल वीरता पुरस्कार दिया गया. उन्होंने पर्वतारोहण में 7वें समिट चैलेंज (सभी महाद्वीपों की सबसे ऊंची चोटी पर चढ़ना) पूरा किया.
ऑपरेशन सिंदूर के बाल वीर भी सम्मानित
राष्ट्रीय बाल वीरता पुरस्कार पाने वाले बच्चों में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सैनिकों को चाय-पानी पिलाने वाले श्रवण सिंह भी शामिल थे. वो फिरोजपुर के रहने वाले हैं. इसके अलावा दो ऐसे भी बच्चों को सम्मानित किया गया, जिनकी मौत हो चुकी है. इनमें बिहार के कमलेश कुमार और तमिलनाडु की ब्योमा शामिल हैं.
इसके अलावा छत्तीसगढ़ की रहने वाली 14 साल की योगिता मंडावी को खेल क्षेत्र में बेहतरीन प्रदर्शन के लिए पुरस्कार दिया गया. बचपन में ही माता-पिता को खोने वाली योगिता नक्सल प्रभावित क्षेत्र में रहते हुए भी राष्ट्रीय स्तर की जूडो खिलाड़ी बन कई पुरस्कार अपने नाम किये.
Addressing a programme on Veer Baal Diwas. We remember the exemplary courage and sacrifice of the Sahibzades.
https://t.co/kQPb0RmaIj— Narendra Modi (@narendramodi) December 26, 2025
झारखंड के 14 साल के फुटबॉलर अनुष्का को भी खेल कैटेगरी में पुरस्कृत किया गया. अनुष्का का जीवन कठिनाईयों से भरा हुआ है. मां दिहाड़ी मजदूर और पिता के बीमार होने के बावजूद अनुष्का ने अपनी प्रतिभा के दम पर अंडर 17 महिला फुटबॉल टीम में जगह बनाने में कामयाब रहीं.
असम की आयशी प्रिषा बोराह को उनके इनोवेशन की वजह से राष्ट्रीय बाल वीरता पुरस्कार से सम्मानित किया गया. उन्होंने वेस्ट पेपर से पेंसिल बनाने की मशीन बनाई और अखबारों का इस्तेमाल करके मल्च का निर्माण किया.
इसके अलावा चंडीगढ़ के वंश, उड़ीसा के गजबति, उत्तर प्रदेश की पूजा बंगाल की सुमन, मिजोरम की एस्तेर लालदुहावमी हनामते, आंध्रा की शिवानी होसरु उप्परा, केरल के मोहम्मद सिद्दान, उत्तर प्रदेश के अजय राज को भी राष्ट्रीय बाल वीरता पुरस्कार से सम्मानित किया गया.
पीएम मोदी ने की मुलाकात
वीरता पुरस्कार पाने वाले बच्चों से पीएम मोदी ने मुलाकात कर उन्हें संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य तक हमें जेन जी और जेन अल्फा ही पहुंचा सकते हैं.
पीएम मोदी ने कहा कि आज फोकस प्रैक्टिकल लर्निंग पर ज्यादा है. बच्चों को रटने की जगह सोचने समझने की आदत विकसित करनी चाहिये. उनमें सवाल पूछने का साहस और किसी मुश्किल का समाधान खोजने की क्षमता होनी चाहिये. आज हर सेक्टर में युवाओं के लिए नया अवसर खुल रहा है.
-भारत एक्सप्रेस
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