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‘5 दशक पुराना दंश खत्म, जवानों की शहादत लाई रंग!’ पुलिस स्मृति दिवस पर बोले अमित शाह

राष्ट्रीय पुलिस स्मृति दिवस पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दावा किया कि 31 मार्च 2026 को देश नक्सलवाद की समस्या से मुक्त हो गया. उन्होंने 1981 से मार्च 2026 तक नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में 3,600 से अधिक जवानों की शहादत और करीब 13,700 नागरिकों की मौत का जिक्र किया.

amit shah

राष्ट्रीय पुलिस स्मृति दिवस के पावन अवसर पर नई दिल्ली के चाणक्यपुरी स्थित ‘राष्ट्रीय पुलिस स्मारक’ में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने देश की रक्षा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर जवानों को हाथ जोड़कर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की. इस दौरान अपने ऐतिहासिक संबोधन में गृह मंत्री ने ऐलान किया कि दशकों पुरानी नक्सलवाद की भीषण समस्या से भारत को 31 मार्च 2026 को पूरी तरह मुक्ति मिल चुकी है.

गृह मंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि लाल आतंक पर मिली यह निर्णायक जीत देश के 3,600 से अधिक शहीद जवानों के अदम्य साहस और शहादत की बदौलत ही संभव हो पाई है.

‘लाल आतंक की चुनौती का मजबूती से सामना’

राष्ट्रीय पुलिस स्मारक में उपस्थित विशाल जनसमूह और शहीद जवानों के परिजनों को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि वर्ष 1981 से लेकर मार्च 2026 तक देश ने लाल आतंक की चुनौती का मजबूती से सामना किया. इस लगभग पांच दशक लंबी लड़ाई में 3,600 से ज्यादा वीर पुलिसकर्मी व जवान शहीद हुए, जबकि करीब 13,700 निर्दोष नागरिकों की जान गई.

गृह मंत्री ने कहा कि यदि आज भारत विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है, तो इसकी नींव में हमारे इन 3,600 जवानों का सर्वोच्च बलिदान है. पूरा देश उनके और उनके परिवारों के प्रति हमेशा कृतज्ञ रहेगा.”

पुलिस स्मृति दिवस का बताया इतिहास

अमित शाह ने 21 अक्टूबर के ऐतिहासिक महत्व को रेखांकित करते हुए 1959 की वह खौफनाक घटना याद दिलाई, जब लद्दाख के दुर्गम हॉट स्प्रिंग्स क्षेत्र में चीन की भारी-भरकम सेना के अचानक हमले का मुकाबला सीआरपीएफ (CRPF) के 10 जांबाज जवानों ने डटकर किया था. उन अमर सपूतों ने मातृभूमि की एक इंच जमीन भी चीन के हाथों में न जाने देने के संकल्प के साथ अपने प्राण न्योछावर कर दिए थे. उसी महान बलिदान की याद में हर साल 21 अक्टूबर को ‘पुलिस स्मृति दिवस’ मनाया जाता है.

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राष्ट्रीय पुलिस स्मारक का जिक्र कर क्या बोले?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 2018 में देश को समर्पित किया गया राष्ट्रीय पुलिस स्मारक आज पूरे भारत के नागरिकों के लिए श्रद्धा का केंद्र बन चुका है. गृह मंत्री ने बताया कि इस स्मारक की शिलाओं पर अब तक 36,852 पुलिसकर्मियों के नाम दर्ज हैं, जिन्होंने राष्ट्र की रक्षा में अपनी शहादत दी.

इस वर्ष भी कर्तव्य की बलिवेदी पर प्राण न्योछावर करने वाले 154 नए वीर जवानों के नाम इस अमर सूची में जोड़े गए हैं. इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) के प्रमुख महेश ने स्मृति स्थल पर इन सभी नए शहीदों के नाम पढ़कर उन्हें श्रद्धांजलि दी.

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-भारत एक्सप्रेस



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