बिहार की राजनीति में इन दिनों बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव को लेकर हलचल तेज होती जा रही है. सोमवार को जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने अपना नामांकन पत्र दाखिल किया. लेकिन यह सिर्फ एक औपचारिक प्रक्रिया नहीं रही, बल्कि उन्होंने इसे एक बड़े राजनीतिक संदेश में बदलने की कोशिश की. नामांकन से पहले उन्होंने समर्थकों के साथ लंबी पदयात्रा निकाली, जिसमें बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता, स्थानीय लोग और समर्थक शामिल हुए.
प्रशांत किशोर की पदयात्रा स्काउट एवं गाइड मैदान से शुरू हुई. वहां से उनका काफिला कोतवाली थाना, डाकबंगला चौराहा, एसपी वर्मा रोड, जेपी गोलंबर और गांधी मैदान होते हुए समाहरणालय पहुंचा, जहां उन्होंने अपना नामांकन दाखिल किया. पूरे रास्ते समर्थकों ने जोश के साथ नारे लगाए. “लड़ेंगे बांकीपुर, जीतेंगे बांकीपुर” जैसे नारों से माहौल चुनावी रंग में रंगा नजर आया.
रास्ते में कई जगह स्थानीय लोगों ने उनका स्वागत किया. भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने भी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे और पूरे मार्ग पर पुलिस बल तैनात रहा ताकि किसी तरह की अव्यवस्था न हो.
नामांकन के बाद क्या बोले प्रशांत किशोर?
नामांकन दाखिल करने के बाद मीडिया से बातचीत में प्रशांत किशोर ने कहा कि यह चुनाव सिर्फ उनके लिए नहीं, बल्कि पूरे बिहार के भविष्य से जुड़ा हुआ है. उन्होंने कहा कि उनका नामांकन एक ऐसे बदलाव की शुरुआत का प्रतीक है, जिसकी उम्मीद राज्य की जनता लंबे समय से कर रही है.
उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक उम्मीदवार का चुनाव नहीं है, बल्कि बिहार की बदलती तस्वीर और बेहतर भविष्य की दिशा में उठाया गया कदम है. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि अब समय आ गया है कि अपराध और पुरानी राजनीति से जुड़े लोगों को सत्ता छोड़नी चाहिए और जनता को नई सोच के साथ आगे बढ़ना चाहिए.
प्रशांत किशोर ने अपने संबोधन में साफ कहा कि बांकीपुर किसी राजनीतिक दल या नेता का गढ़ नहीं है. उनके मुताबिक इस क्षेत्र का असली मालिक यहां की जनता है और वही तय करेगी कि उसका प्रतिनिधित्व कौन करेगा. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में अंतिम फैसला जनता के हाथ में होता है और इस उपचुनाव में भी वही सबसे बड़ी ताकत होगी.
भाजपा पर भी साधा निशाना
अपने बयान के दौरान प्रशांत किशोर ने भारतीय जनता पार्टी पर भी हमला बोला. उन्होंने कहा कि यह चुनाव भाजपा के “अहंकार पर अंकुश लगाने” का अवसर है. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि जनता अपने चुने हुए प्रतिनिधियों से जवाबदेही चाहती है और अब राजनीति केवल भाषणों या नारों से नहीं चलेगी.
उन्होंने दावा किया कि बिहार के लोग अब विकास, अच्छी शिक्षा, रोजगार के अवसर और बेहतर शासन जैसे मुद्दों पर राजनीति देखना चाहते हैं. उनका कहना था कि आने वाले समय में यही मुद्दे चुनावी राजनीति की दिशा तय करेंगे.
उपचुनाव ने बढ़ाई राजनीतिक हलचल
बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव को लेकर सभी प्रमुख राजनीतिक दल पूरी ताकत के साथ मैदान में उतर चुके हैं. उम्मीदवारों के नाम तय हो चुके हैं और चुनाव प्रचार भी लगातार तेज हो रहा है. राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह उपचुनाव केवल एक विधानसभा सीट तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसके नतीजों का असर बिहार की आगे की राजनीति पर भी पड़ सकता है. ऐसे में सभी दल इस मुकाबले को बेहद अहम मान रहे हैं और मतदाताओं को अपने पक्ष में करने के लिए पूरी ताकत झोंक रहे हैं.
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-भारत एक्सप्रेस
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