AAP Bhagwant Mann brother joins BJP: पंजाब की राजनीति में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने आम आदमी पार्टी (AAP) को अब तक का सबसे बड़ा और मनोवैज्ञानिक झटका दिया है. पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के चचेरे/मौसेरे भाई ज्ञान सिंह ने मंगलवार को औपचारिक रूप से बीजेपी जॉइन कर ली है. चंडीगढ़ में पंजाब बीजेपी अध्यक्ष सुनील जाखड़ और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की मौजूदगी में ज्ञान सिंह ने भगवा पट्टा पहना. ज्ञान सिंह के साथ बलजिंदर सिंह और मनजिंदर सिंह भी बीजेपी में शामिल हुए. इस मौके पर नेताओं ने ‘कट्टर ईमानदार’ सरकार पर चौतरफा हमले किए.
भाई ज्ञान सिंह के विस्फोटक आरोप
बीजेपी में शामिल होते ही ज्ञान सिंह ने अपनी पुरानी पार्टी (AAP) पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा, “मैं 2012 से अपने भाई भगवंत मान के साथ काम कर रहा था और 2014 में AAP जॉइन की थी. लेकिन 2022 में सत्ता में आने के बाद यह पार्टी ‘आम’ से ‘खास’ लोगों की पार्टी बन गई. मनमर्जी से टिकट बांटे गए.”
ज्ञान सिंह ने सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि वादे के मुताबिक माइनिंग से आने वाले 20 हजार करोड़ रुपये कहां जा रहे हैं? उन्होंने सबसे बड़ा आरोप लगाते हुए कहा, “सीएम भगवंत मान मेरे भाई हैं, मैं उनके साथ खड़ा हूं, लेकिन पार्टी के साथ नहीं. आज पंजाब की सरकार बाहर से चल रही है. दिल्ली के हारे हुए नेता पंजाब के मंत्रियों के कार्यालयों में बैठकर सरकार चला रहे हैं. तहसीलों और थानों से खुलेआम पैसे मांगे जा रहे हैं.”
पंजाब को बंगाल नहीं बनने देंगे
पंजाब बीजेपी अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने आम आदमी पार्टी पर गुंडागर्दी का आरोप लगाते हुए सीधा अरविंद केजरीवाल को निशाने पर लिया. जाखड़ ने कहा, “हम पंजाब को ममता बनर्जी का बंगाल नहीं बनने देंगे. जिस तरह बंगाल में बीजेपी कार्यकर्ताओं की हत्याएं हुईं, वैसे ही हालात पंजाब में बनाए जा रहे हैं. AAP कार्यकर्ताओं ने अमृतसर बीजेपी ऑफिस में तोड़फोड़ की और हमारे लोगों पर स्याही फेंकी.” जाखड़ ने पंजाब के सरकारी कर्मचारियों और पुलिस को भी सख्त चेतावनी दी: “दायरे में रहकर काम करें. अगर किसी ने AAP के दबाव में आकर काम किया, तो उसका भी हिसाब होगा.”
हरियाणा CM नायब सैनी का तंज
प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने AAP के चुनावी वादों और दावों की हवा निकाल दी. सैनी ने कहा कि बंगाल और असम के नतीजों के बाद ये बौखला गए हैं. पहले कांग्रेस को समर्थन दिया, फिर ममता को, और दोनों जगह सूपड़ा साफ हो गया. अब पंजाब में भी इनका यही हाल होगा. ये लोग भगत सिंह की फोटो लगाते हैं, लेकिन उनका अपमान करते हैं. भगत सिंह ने देश के लिए बलिदान दिया था, चुनाव लड़ने के लिए नहीं.
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इतना ही नहीं आगे उन्होंने कहा कि मोहाली में टावर से नोट उड़ रहे हैं और ये खुद को कट्टर ईमानदार कहते हैं. महिलाओं को 1000 रुपये देने का वादा झूठा निकला. हरियाणा 3500 रुपये पेंशन दे रहा है, जबकि ये सिर्फ 1500 दे रहे हैं. केजरीवाल ने ‘शीशमहल’ खड़ा कर लिया है और पंजाब का जेट लेकर पूरे देश में घूम रहे हैं.
पंजाब की सियासत में नया मोड़
मुख्यमंत्री के सगे भाई का ऐन चुनावों (या राजनीतिक गहमागहमी) के बीच विपक्षी दल में शामिल होना और सरकार की ‘रिमोट कंट्रोल’ वाली कार्यप्रणाली पर मुहर लगाना AAP के लिए एक बड़ा ‘पॉलिटिकल डैमेज’ है. बीजेपी अब इस मुद्दे को भुनाकर पंजाब में यह संदेश देने की कोशिश कर रही है कि जब मुख्यमंत्री के अपने ही परिवार के लोग सरकार के भ्रष्टाचार और कार्यप्रणाली से त्रस्त हैं, तो आम जनता का क्या हाल होगा.
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