पंजाब में दिव्यांगों का फूटा गुस्सा!
रिपोर्ट- जावेद अंजुम, धुरी/ पंजाब
Punjab Disabled Protest: पंजाब में विकलांग लोग पिछले 46 दिनों से अपने हक के लिए धरने पर बैठे हैं. उनका कहना है कि सरकार उनकी आवाज नहीं सुन रही. पहले वे टंकी पर चढ़कर विरोध कर चुके हैं लेकिन प्रशासन ने मीटिंग का वादा कर उन्हें नीचे उतारा था. वह मीटिंग होटल में हुई थी और किसी नतीजे पर नहीं पहुंची.
क्या हैं मांगें?
विकलांगों के संगठन के अध्यक्ष ने साफ कहा कि उनकी मांगें बहुत बड़ी नहीं हैं. वे चाहते हैं कि पेंशन 1500 रुपये से बढ़ाकर 5000 रुपये की जाए और 1654 बैकलॉग पदों को भरा जाए. उनका आरोप है कि सरकार उन्हें सिर्फ झूठे वादे और ‘लॉलीपॉप’ दे रही है.
पेट्रोल और सल्फर लेकर विरोध
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि अब वे पेट्रोल और सल्फर लेकर मैदान में उतरे हैं. उनका कहना है कि अगर उन्हें कुछ हुआ तो इसकी जिम्मेदारी मुख्यमंत्री भगवंत मान और मंत्री हरपाल चीमा की होगी. उन्होंने साफ कर दिया कि अब उन्हें किसी मीटिंग या बातचीत की जरूरत नहीं है.
चुनाव में सरकार का बहिष्कार
विकलांगों ने ऐलान किया है कि 2027 के विधानसभा चुनाव में वे इस सरकार का पूरी तरह बहिष्कार करेंगे. उन्होंने कहा कि वे इस सरकार को उखाड़ फेंकेंगे और किसी भी प्रतिनिधि को वोट मांगने के लिए अपने पास नहीं आने देंगे.
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लगातार 46 दिनों से जारी यह आंदोलन पंजाब सरकार के लिए बड़ी चुनौती बन गया है. विकलांगों का गुस्सा और उनका चुनावी बहिष्कार का ऐलान आने वाले समय में राजनीतिक माहौल को और गरमा सकता है.
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-भारत एक्सप्रेस
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