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पंजाब में गैंगस्टरों के खिलाफ आर-पार की जंग; भगवंत मान सरकार ने छेड़ा ‘War On Gangster’, जानें क्या है सरकार का पूरा प्लान

पंजाब में गैंगस्टरों के खिलाफ बड़े स्तर पर कार्रवाई शुरू हो गई है. ‘वॉर ऑन गैंगस्टर’ अभियान के तहत 12 हजार पुलिसकर्मी मैदान में उतारे गए हैं, विदेशों में बैठे गैंगस्टरों पर रेड कॉर्नर नोटिस जारी होंगे और जनता के लिए खास हेल्पलाइन भी शुरू की गई है.

पंजाब में अब गैंगस्टरों की खैर नहीं है. चंडीगढ़ से आज (मंगलवार) एक बड़ा ऐलान हुआ है. राज्य में ‘वॉर ऑन गैंगस्टर’ (War on Gangsters) की शुरुआत कर दी गई है. सरकार और पुलिस ने साफ कर दिया है कि अब पंजाब की धरती पर अपराध और अपराधियों के लिए कोई जगह नहीं बचेगी. इस मुहिम का सीधा मकसद पंजाब को पूरी तरह ‘गैंगस्टर मुक्त’ बनाना है.

पुलिस की रडार पर सिर्फ पंजाब के अपराधी ही नहीं, बल्कि विदेशों में छिपे बैठे वो 60 बड़े गैंगस्टर भी हैं जो वहां से अपना नेटवर्क चला रहे हैं. पुलिस ने संदेश दिया है कि सात समंदर पार बैठे अपराधी खुद को सुरक्षित ना समझें. उनके खिलाफ ‘रेड कॉर्नर नोटिस’ जारी किया जा रहा हैं और उन्हें वापस लाने की पूरी तैयारी है.

वहीं, पंजाब में मौजूद उनके गुर्गों को पुलिस ने आखिरी चेतावनी दी है. इस ऑपरेशन के लिए 12,000 जांबाज पुलिसकर्मियों की फौज मैदान में उतार दी गई है.

हेल्पलाइन नंबर और इनामों की बौछार

जनता की भागीदारी बढ़ाने के लिए सरकार ने एंटी-गैंगस्टर हेल्पलाइन नंबर ‘93946’ जारी किया है. यह नंबर सीधे AGTF (Anti-Gangster Task Force) हेडक्वार्टर से ऑपरेट होगा. खास बात यह है कि जानकारी देने वालों का नाम और पहचान पूरी तरह गुप्त रखी जाएगी.

इतना ही नहीं, सरकार ने अपराधियों को पकड़वाने के लिए 10 करोड़ रुपये का रिवॉर्ड फंड रखा है. एसएसपी 1 लाख, आईजी 1.5 लाख और कमिश्नर 2 लाख रुपये तक का इनाम दे सकते हैं. इससे ऊपर की राशि खुद डीजीपी तय करेंगे.

गन कल्चर और फंडिंग पर प्रहार

पुलिस केवल हथियार ही नहीं, बल्कि गैंगस्टरों की कमर तोड़ने के लिए उनकी फंडिंग, हथियारों की सप्लाई चेन और कम्युनिकेशन सिस्टम पर भी हमला करेगी.

  • सोशल मीडिया पर नजर: गन कल्चर को प्रमोट करने वाले या गैंगस्टरों का महिमामंडन करने वाले सोशल मीडिया अकाउंट्स अब डिलीट किए जाएंगे और उन पर कानूनी कार्रवाई होगी.
  • हथियार और पैसा: अवैध हथियारों और मनी लॉन्ड्रिंग के जरिए आने वाले पैसे पर रोक लगाने के लिए चार डीआईजी स्तर के अधिकारी इस पूरी मुहिम की निगरानी करेंगे.
  • ट्रेवल एजेंट: पुलिस उन ट्रेवल एजेंटों पर भी कड़ी नजर रख रही है जो अपराधियों को फर्जी तरीके से विदेश भागने में मदद करते हैं.

अभियान से मचा हड़कंप

बता दें कि 1 मार्च 2025 से शुरू हुए ‘युद्ध नशा विरुद्ध’ अभियान का दूसरा फेज पहले से ही चल रहा है. अब तक पुलिस ने नशे के कारोबार से जुड़ी 31,527 एफआईआर दर्ज की हैं और 45,251 आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजा है. हाल ही में कबड्डी प्रमोटर राणा बलाचौरिया के हत्यारों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस का मनोबल काफी ऊंचा है.

पंजाब पुलिस ने अपनी छवि सुधारने के लिए कड़ा रुख अपनाया है. अगर किसी पुलिसकर्मी की संलिप्तता गैंगस्टरों के साथ पाई गई, तो उसे धारा 311 के तहत तुरंत बर्खास्त किया जाएगा. साथ ही, 26 जनवरी को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं और प्रॉक्सी या वीपीएन (VPN) के जरिए धमकी देने वालों को ट्रैक करने के लिए साइबर सेल हाई-टेक टूल्स का इस्तेमाल कर रही है.

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-भारत एक्सप्रेस



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