मानसून सत्र के दौरान लोकसभा में ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) पर चर्चा के बीच विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने दावा किया कि इस सैन्य अभियान में सरकार की कमजोर राजनीतिक इच्छाशक्ति और रणनीति के कारण भारत को नुकसान हुआ. राहुल ने पीएम नरेंद्र मोदी को चुनौती देते हुए कहा कि अगर हिम्मत है तो डोनाल्ड ट्रंप को झूठा कहें, जिन्होंने युद्ध रुकवाने के दावे किए थे.
कांग्रेस नेता ने पीएम पर साधा निशाना
राहुल गांधी ने कहा, “मैंने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का भाषण सुना. उन्होंने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर सुबह 1:05 बजे शुरू हुआ और 22 मिनट चला. लेकिन सबसे चौंकाने वाली बात यह थी कि 1:35 बजे हमने पाकिस्तान को फोन कर बताया कि हमने गैर-सैन्य लक्ष्य मारा और संघर्ष नहीं चाहते.”
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने डीजीएमओ को रात 1:35 बजे ही युद्धविराम की बात कहने का निर्देश दिया, जो भारत की राजनीतिक इच्छाशक्ति की कमी को दर्शाता है. राहुल ने कहा, “आपने सीधे पाकिस्तान को बता दिया कि आपके पास लड़ने की हिम्मत नहीं है.”
‘पाकिस्तानी स्टेट ने करवाया क्रूर हमला’
राहुल ने पाकिस्तान पर भी निशाना साधते हुए कहा कि पहलगाम में हुए क्रूर हमले को स्पष्ट रूप से पाकिस्तानी स्टेट ने आयोजित और समन्वित किया. उन्होंने कहा, “युवा, वृद्ध सभी को बेरहमी से मारा गया. इस सदन के हर सदस्य ने पाकिस्तान की निंदा की है.” यह बयान उस समय आया जब सांसदों ने इस घटना की कड़ी निंदा की.
‘सैन्य नेतृत्व की तारीफ, नेतृत्व पर सवाल’
राहुल ने सीडीएस अनिल चौहान की टिप्पणी का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने सही कहा कि जेट्स के गिरने से ज्यादा महत्वपूर्ण यह था कि वे क्यों गिरे. उन्होंने सवाल उठाया कि कौन सी गलतियां हुईं.
राहुल ने कहा, “अनिल चौहान ने कहा कि हमने रणनीतिक गलतियों को समझा और सुधारा. लेकिन मैं कहना चाहता हूं कि गलती भारतीय वायु सेना की नहीं, बल्कि राजनीतिक नेतृत्व की थी, जिसने सैन्य लक्ष्यों पर हमला करने से मना किया.”
‘पॉलिटिकल विल’ और ‘फ्रीडम ऑफ ऑपरेशन’
चर्चा के दौरान राहुल ने जोर देकर कहा कि अगर भारतीय सशस्त्र बलों का इस्तेमाल करना है, तो 100% राजनीतिक इच्छाशक्ति और पूर्ण संचालन स्वतंत्रता देनी होगी. उन्होंने कहा, “दो शब्द हैं- ‘पॉलिटिकल विल’ और ‘फ्रीडम ऑफ ऑपरेशन’. इनके बिना सैन्य अभियान सफल नहीं हो सकता.”
डोनाल्ड ट्रंप के दावों पर राहुल ने उठाए सवाल
राहुल ने डोनाल्ड ट्रंप के उस दावे पर सवाल उठाया, जिसमें उन्होंने कहा था कि उन्होंने भारत-पाक युद्ध को रोका. राहुल ने पीएम मोदी को चुनौती देते हुए कहा, “अगर हिम्मत है तो कहें कि ट्रंप झूठ बोल रहे हैं.” यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जहां लोग इस पर अलग-अलग राय दे रहे हैं.
हमें सरकार की प्रतिक्रिया का इंतजार: राहुल गांधी
राहुल के बयानों के बाद सरकार की ओर से अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है. हालांकि, राजनीतिक गलियारों में इस मुद्दे पर बहस तेज हो गई है. विपक्षी दल इस मुद्दे को जोर-शोर से उठा रहे हैं, जबकि सत्तारूढ़ दल इसे राष्ट्रीय सुरक्षा के खिलाफ साजिश करार दे सकता है. इस बीच, ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा संसद में गर्माती जा रही है. राहुल गांधी का यह बयान न केवल सरकार के लिए चुनौती है, बल्कि देश की सैन्य और कूटनीतिक नीतियों पर भी सवाल उठाता है.
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