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लोकसभा में बहस के बाद राहुल गांधी की प्रेस कॉन्फ्रेंस: गृहमंत्री पर लगाए गंभीर आरोप; कहा- संसद में मुझे ये बातें बोलने नहीं दीं

संसद सत्र के दौरान हुए हंगामे के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रेसवार्ता की. गृहमंत्री अमित शाह पर छात्रों को शूट करने का आरोप लगाया, ये भी कहा कि संसद में मेरा माइक चालू नहीं किया गया.

Rahul Gandhi Press Conference
Vijay Ram Edited by Vijay Ram

लोकसभा में कुछ विधेयकों पर चर्चा के दौरान आज नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के बयानों पर भारी हंगामा हुआ. ‘सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026’ ध्वनि मत से पारित हो गया, लेकिन सदन में कई बार स्थगन की नौबत आ गई. राहुल गांधी ने दिल्ली में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई का मुद्दा उठाते हुए गृहमंत्री अमित शाह पर गंभीर आरोप लगाए. इसके बाद उन्होंने इंदिरा भवन में प्रेस कॉन्फ्रेंस की और कहा कि उन्हें सदन में पूरी बात रखने नहीं दी गई.

राहुल का अमित शाह पर गंभीर आरोप

राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि गृहमंत्री अमित शाह ने छात्रों पर फायरिंग का आदेश दिया था. उन्होंने कहा कि छात्रों के शरीर में पैलेट्स मिले और उनका खून बहाया गया. कांग्रेस नेता के अनुसार, यह दिल्ली में पेपर लीक के खिलाफ छात्रों के प्रदर्शन से जुड़ा मुद्दा है. उन्होंने आरएसएस का भी जिक्र करते हुए शिक्षा व्यवस्था पर आरोप लगाए. इन टिप्पणियों पर भाजपा सांसदों ने जोरदार विरोध किया. संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि राहुल गांधी ने विधेयक पर ठोस बात नहीं की, असंसदीय शब्दों का इस्तेमाल किया और गृहमंत्री पर गलत आरोप लगाया. उन्होंने स्पष्ट किया कि फायरिंग के आदेश मंत्री नहीं, बल्कि मौके पर मौजूद मजिस्ट्रेट या एसडीएम देते हैं.

संसद में माइक बंद करने का आरोप

हंगामे के दौरान राहुल गांधी का माइक बंद होने का आरोप भी लगा. उन्होंने कहा कि भाजपा ने उन्हें बोलने नहीं दिया. सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ जिसमें दिखाया गया कि उनका माइक चालू था, फिर भी वे “सर मुझे माइक दीजिए” कहते रहे. स्पीकर के इशारे पर माइक चालू रहने की बात सामने आई. भाजपा आईटी प्रभारी अमित मालवीय ने इसे नाटक बताया और कहा कि राहुल गांधी मुद्दे से ज्यादा ऑप्टिक्स पर ध्यान देते हैं.

प्रेस कॉन्फ्रेंस में क्या बोले राहुल गांधी?

सदन में बात पूरी न कह पाने का आरोप लगाते हुए राहुल गांधी ने एक्स पर पोस्ट किया कि प्रेस कॉन्फ्रेंस में वो सब कहेंगे जो सदन में नहीं कहने दिया गया. उन्होंने लिखा-“माइक बंद कर सकते हैं, लेकिन छात्रों की गूंज नहीं,”. इंदिरा भवन में हुई प्रेसवार्ता में उन्होंने मेडिकल सर्टिफिकेट का जिक्र करते हुए कहा कि दिल्ली में छात्रों पर पैलेट गन चली, नुकीली लाठियां मारी गईं और पुलिस ने बर्बरता दिखाई.

उन्होंने दावा किया कि सबसे ज्यादा पेपर लीक भाजपा सरकार में हुए, जिसकी वजह से युवा सड़कों पर उतरे. राहुल गांधी ने कहा कि वे भाजपा या आरएसएस से माफी नहीं मांगेंगे और छात्रों की आवाज उठाने से कोई नहीं रोक सकता.

दोनों पक्षों के दावे और विधेयक पास

विपक्ष का आरोप है कि सरकार छात्रों के मुद्दे को दबाना चाहती है, जबकि सत्ता पक्ष इसे राजनीतिक ड्रामा बता रहा है. विधेयक में पेपर लीक रोकने के लिए सख्त प्रावधान, फास्ट-ट्रैक कोर्ट और समयबद्ध जांच शामिल हैं. सदन में व्यवधान के बावजूद यह पास हो गया. यह घटनाक्रम मानसून सत्र में विपक्ष और सरकार के बीच तनाव को दर्शाता है. राहुल गांधी की प्रेसवार्ता में दिए बयान अब और बहस छेड़ सकते हैं.



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