Rajasthan AI Cyber Surveillance
Rajasthan AI Cyber Surveillance: राजस्थान में साइबर ठगी पर प्रभावी रोक लगाने के लिए राज्य सरकार और बैंकिंग तंत्र ने बड़ा कदम उठाया है. शासन सचिवालय में आयोजित राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (SLBC) की विशेष साइबर समन्वय बैठक में तय किया गया कि 1930 हेल्पलाइन पर शिकायत मिलते ही बैंक तत्काल कार्रवाई करेंगे, ताकि शिकायत और खाते को होल्ड करने के बीच का समय लगभग शून्य किया जा सके.
मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने बैंकों के रिस्पॉन्स टाइम को न्यूनतम करने के निर्देश देते हुए कहा कि वर्तमान में केवल 10 में से एक मामले में ही समय रहते राशि रोकी जा पा रही है, जिसे हर हाल में बेहतर बनाना होगा.
संदिग्ध खातों पर होगी निगरानी
पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा ने संदिग्ध खातों और म्यूल अकाउंट्स पर सख्त निगरानी तथा RBI के दिशा-निर्देशों के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया.

बैठक में फैसला हुआ कि प्रदेश की 190 चिन्हित हॉटस्पॉट बैंक शाखाओं और संदिग्ध एटीएम पर AI आधारित निगरानी होगी. बिना भौतिक सत्यापन के बड़े चालू खाते खोलने पर रोक, संदिग्ध खातों का पुन: सत्यापन और प्रमुख बैंकों के नोडल अधिकारियों की पुलिस मुख्यालय स्थित साइबर रिस्पॉन्स सेंटर में नियमित तैनाती भी सुनिश्चित की जाएगी.
साइबर ठगी में फंसे पैसों के लिए खुलेगा काउंटर
पीड़ितों को राहत देने के लिए मनी रिस्टोरेशन मॉड्यूल (MRM) और ग्रीवांस रिड्रेसल मॉड्यूल (GRM) को और मजबूत बनाया जाएगा, ताकि साइबर ठगी में फंसी राशि जल्द लौटाई जा सके. साथ ही केवाईसी के नाम पर होने वाली ठगी रोकने, वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष सहायता काउंटर बनाने और खाते किराए पर देने के खतरों को लेकर व्यापक जागरूकता अभियान चलाने का भी निर्णय लिया गया.
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मुख्य सचिव के निर्देश पर बुधवार को सभी प्रमुख बैंकों के प्रतिनिधि पुलिस मुख्यालय स्थित 1930 कॉल सेंटर का दौरा करेंगे, ताकि शिकायत निस्तारण की प्रक्रिया को समझकर बैंक और पुलिस के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जा सके.
-भारत एक्सप्रेस
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