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सरहद पर आधी रात का ‘ऑपरेशन क्लीन’: सिर्फ 12 घंटे का नोटिस और मस्जिद पर चल गया पीला पंजा; बाड़मेर में भड़की सियासी चिंगारी

Operation Clean Barmer: बाड़मेर जिले के मलाणा गांव में ‘ऑपरेशन क्लीन’ के तहत सरकारी जमीन से मस्जिद का अवैध अतिक्रमण हटाया गया है. नोटिस के तुरंत बाद हुई इस कार्रवाई को लेकर विपक्ष और ग्रामीणों ने नाराजगी जताई है, जिससे सीमाई इलाके में राजनीतिक माहौल गरमा गया है.

Malana Village Mosque Demolition Image

Operation Clean Barmer: राजस्थान के बाड़मेर में भारत-पाक सीमा (India-Pakistan border) के पास प्रशासन ने ‘ऑपरेशन क्लीन’ के तहत एक बड़ी कार्रवाई की है. मलाणा गांव में सरकारी जमीन पर बनी एक मस्जिद को भारी पुलिस बल की मौजूदगी में जेसीबी से ध्वस्त कर दिया गया, जिससे इलाके में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है.

बाड़मेर के सीमाई इलाके में अवैध अतिक्रमण हटाने के तहत प्रशासन ने नोटिस देने के 12 घंटे के भीतर ही मलाणा गांव की एक मस्जिद को ढहा दिया. ग्रामीणों और कांग्रेस नेताओं ने इस त्वरित कार्रवाई का विरोध करते हुए इसे सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने और मुख्य मुद्दों से ध्यान भटकाने की राजनीति बताया है. दूसरी तरफ, प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों ने इसे सीमा सुरक्षा से जुड़ी एक नियमित और वैधानिक प्रक्रिया करार दिया है.

ग्रामीणों में भारी आक्रोश (Malana Village Mosque Demolition)

राजस्थान के बाड़मेर जिले में भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास ‘ऑपरेशन क्लीन’ (Operation Clean) के तहत प्रशासन ने मलाणा गांव में सरकारी जमीन पर बनी एक मस्जिद को जेसीबी से ध्वस्त कर दिया. सीमा सुरक्षा और सरकारी भूमि को मुक्त कराने के उद्देश्य से चलाए जा रहे इस अभियान के तहत मिली 12 घंटे की अल्पकालिक मोहलत को लेकर स्थानीय ग्रामीणों में भारी आक्रोश है.

ग्रामीणों का दावा है कि डिजिटल मैपिंग और सरकारी रिकॉर्ड की तकनीकी त्रुटि के कारण भूमि का गलत अंकन हुआ था, जिसे सुधारने की कानूनी प्रक्रिया पिछले दो साल से जारी थी.

मुख्य मुद्दों से ध्यान भटकाने वाला एजेंडा

इस संवेदनशील कार्रवाई ने अब राजनीतिक मोड़ ले लिया है. बाड़मेर सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल और बायतू विधायक हरीश चौधरी (Harish Choudhary Barmer) समेत कांग्रेस नेताओं ने सरकार को घेरते हुए आरोप लगाया कि बिना उचित संवैधानिक प्रक्रिया और संवाद के यह कार्रवाई की गई है, जो थार के सामाजिक सौहार्द को बिगाड़ने का प्रयास है.

विपक्ष ने इसे बेरोजगारी और महंगाई जैसे मुख्य मुद्दों से ध्यान भटकाने वाला एजेंडा बताया है. दूसरी ओर, प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों ने आरोपों को खारिज करते हुए इसे नियमानुसार की गई नियमित सुरक्षा प्रक्रिया बताया है.

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-भारत एक्सप्रेस 



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