Rajasthan News/Natansh: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में बुधवार को विधानसभा सचिवालय में आयोजित कैबिनेट बैठक में कई क्रांतिकारी निर्णय लिए गए. इस बैठक में सबसे महत्वपूर्ण फैसला स्थानीय निकाय और पंचायती राज चुनावों से जुड़ा है. राज्य सरकार ने लगभग तीन दशक पुराने उस नियम को खत्म करने की मंजूरी दे दी है, जो दो से अधिक संतान वाले व्यक्तियों को चुनाव लड़ने से रोकता था.
क्यों हटाया गया 30 साल पुराना प्रतिबंध?
राजस्थान कैबिनेट ने राजस्थान पंचायती राज विधेयक 2026 और राजस्थान नगरपालिका (संशोधन) विधेयक 2026 लाने का निर्णय लिया है. इसके तहत अब दो से अधिक बच्चों वाले उम्मीदवार भी पंचायत और नगर निकाय चुनाव लड़ने के योग्य होंगे.
संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने बताया कि यह नियम 1995 में तत्कालीन भैरों सिंह शेखावत सरकार द्वारा जनसंख्या नियंत्रण के उद्देश्य से लागू किया गया था. उस समय राज्य में प्रजनन दर (TFR) 3.6 थी, जो अब घटकर 2 पर आ गई है. सरकार का मानना है कि वर्तमान परिस्थितियों में इस प्रतिबंध की प्रासंगिकता खत्म हो गई है, इसलिए लोकतांत्रिक भागीदारी बढ़ाने के लिए इसे हटाया गया है.
राजस्थान औद्योगिक पार्क प्रोत्साहन नीति 2026
प्रदेश के औद्योगिक ढांचे को मजबूत करने के लिए कैबिनेट ने नई औद्योगिक पार्क प्रोत्साहन नीति को मंजूरी दी है. उद्योग मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने बताया कि निजी क्षेत्र में औद्योगिक पार्कों के विकास के लिए चार मॉडल (A, B, C और D) निर्धारित किए गए हैं.
मुख्य शर्तें: पार्क के लिए न्यूनतम 50 एकड़ भूमि और कम से कम 10 औद्योगिक इकाइयों की स्थापना अनिवार्य होगी.
पूंजीगत अनुदान: राज्य सरकार अवसंरचना विकास पर 20 प्रतिशत तक का अनुदान देगी.
- 100 एकड़ तक के पार्क के लिए अधिकतम 20 करोड़ रुपये.
- 100 से 250 एकड़ के लिए 30 करोड़ रुपये.
- 250 एकड़ से अधिक के लिए 40 करोड़ रुपये.
पर्यावरण संरक्षण: हरित विकास के लिए सीईटीपी (CETP) पर खर्च होने वाली राशि का 50 प्रतिशत (अधिकतम 12.5 करोड़ रुपये) सरकार वहन करेगी.
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‘राजस्थान मंडपम’ और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर
जयपुर के टोंक रोड स्थित बी2 बाईपास पर बनने वाले ‘राजस्थान मंडपम’ और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर के संशोधित वित्तीय मॉडल को भी हरी झंडी मिल गई है.
अब यह परियोजना 5,815 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से बनेगी.
खास बात यह है कि यह पूरी तरह स्व-वित्तपोषित मॉडल पर आधारित होगी, जिससे राज्य सरकार पर पूर्व में प्रस्तावित 635 करोड़ रुपये का बोझ नहीं पड़ेगा.
इस प्रोजेक्ट से सरकार को लगभग 10 करोड़ रुपये की आय की भी संभावना है.
आर्थिक अपराधों पर नकेल
राज्य में राजस्व की चोरी रोकने और आर्थिक अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए राजस्व आसूचना एवं आर्थिक अपराध निदेशालय (DRIEE) के गठन का निर्णय लिया गया है. यह निदेशालय विशेष रूप से तस्करी, कर चोरी और जमीन से जुड़े बड़े आर्थिक घोटालों की जांच करेगा.
सियासी समीकरणों में आएगा बड़ा बदलाव
‘दो बच्चों के नियम’ को हटाने के फैसले से प्रदेश में सियासी संग्राम छिड़ना तय माना जा रहा है. राजनीतिक जानकारों का कहना है कि इस कदम से पंचायत और जिला स्तर पर कांग्रेस और भाजपा दोनों ही दलों के उन जमीनी नेताओं को संजीवनी मिलेगी, जो दशकों से अयोग्य होने के कारण मुख्यधारा की राजनीति से बाहर थे. आगामी स्थानीय चुनावों में उम्मीदवारों की संख्या और प्रतिस्पर्धा दोनों में भारी इजाफा देखने को मिल सकता है.
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