PG fraud gang: राजस्थान के मानसरोवर थाना पुलिस ने एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है जो पेइंग गेस्ट (PG) और हॉस्टल के नाम पर मकान मालिकों को धोखा देकर उनकी संपत्ति पर कब्जा कर लेता था. इस गिरोह का मास्टरमाइंड कृष्ण कुमार स्वामी गिरफ्तार कर लिया गया है और उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है.
धोखाधड़ी का तरीका
पुलिस जांच में सामने आया कि यह गिरोह पहले मकान मालिकों से PG या हॉस्टल चलाने के लिए मकान किराए पर लेता था. इसके बाद फर्जी दस्तावेज तैयार कर उसी मकान को किसी तीसरे व्यक्ति को किराए पर दे देता था. जब विवाद होता तो कोर्ट से स्टे ऑर्डर ले आता और असली मालिक को न तो किराया देता था और न ही मकान खाली करता था.
महिला की शिकायत से खुला राज
20 मार्च 2026 को एक महिला ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. उसने बताया कि मकान किराए पर देने के बाद आरोपी ने कब्जा करने की कोशिश की और 20 लाख रुपये की मांग की. विरोध करने पर उसे गाली-गलौज और धमकी भी दी गई. इसी शिकायत के बाद पुलिस ने जांच शुरू की और गिरोह का असली चेहरा सामने आया.
सुनियोजित तरीके से चलता था खेल
जांच में पता चला कि यह गैंग फर्जी एग्रीमेंट बनाकर सिक्योरिटी और किराया वसूलता था. असली मालिक को कुछ नहीं मिलता था और मकान पर कब्जा कर लिया जाता था. पुलिस रिकॉर्ड में यह भी सामने आया कि गिरोह के खिलाफ पहले से कई मामले दर्ज हैं.
पुलिस का बयान
पुलिस उपायुक्त (दक्षिण) राजर्षि राज ने बताया कि आरोपी को विभिन्न धाराओं में गिरफ्तार किया गया है और गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है. उन्होंने कहा कि यह संगठित अपराध है और इसमें कई लोग शामिल हो सकते हैं.
लोगों से अपील
पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि यदि कोई इस तरह की धोखाधड़ी का शिकार हुआ है तो तुरंत नजदीकी थाने में शिकायत दर्ज कराए. पुलिस का कहना है कि समय पर शिकायत करने से अपराधियों को पकड़ना आसान हो जाता है.
जांच जारी
फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और गिरोह के बाकी सदस्यों की तलाश में जुटी है. अधिकारियों ने मकान मालिकों को चेतावनी दी है कि किराए पर देने से पहले दस्तावेजों की पूरी तरह जांच करें ताकि इस तरह की धोखाधड़ी से बचा जा सके.
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-भारत एक्सप्रेस
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