रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (फाइल फोटो ).
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने हाल ही में कहा कि भले ही आज सिंध भारत का हिस्सा नहीं है, लेकिन सीमाएं हमेशा स्थिर नहीं रहतीं और भविष्य में यह भारत में लौट सकता है. एक कार्यक्रम में बोलते हुए उन्होंने सिंध के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व को याद किया.
उन्होंने बताया कि 1947 के विभाजन के बाद सिंध पाकिस्तान में चला गया, लेकिन वहां रहने वाले अधिकांश सिंधी हिंदू भारत आ गए. राजनाथ सिंह ने कहा कि एल.के. आडवाणी ने अपनी पुस्तक में उल्लेख किया है कि उनकी पीढ़ी के सिंधी आज भी सिंध के भारत से अलग होने को पूरी तरह स्वीकार नहीं कर पाए हैं.
#WATCH | Delhi: Defence Minister Rajnath Singh says, “…Today, the land of Sindh may not be a part of India, but civilisationally, Sindh will always be a part of India. And as far as land is concerned, borders can change. Who knows, tomorrow Sindh may return to India again…”… pic.twitter.com/9Wp1zorTMt
— ANI (@ANI) November 23, 2025
सिंध और PoK पर रक्षा मंत्री की टिप्पणी
रक्षा मंत्री ने आगे कहा कि सिंधु नदी भारत के हिंदुओं के लिए हमेशा पवित्र रही है और सिंध के कई मुसलमान भी इसे अत्यंत पवित्र मानते थे. उन्होंने जोर देकर कहा कि “आज सिंध भले ही भूगोल के लिहाज से भारत में नहीं है, लेकिन उसकी सभ्यता और संस्कृति हमेशा भारत से जुड़ी रहेगी.”
इसके अलावा, राजनाथ सिंह ने मोरक्को में भारतीय समुदाय से बातचीत के दौरान पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) का जिक्र करते हुए कहा कि वहां हालात बदल रहे हैं और लोग स्वतंत्रता की आवाज उठा रहे हैं. उन्होंने कहा कि बिना किसी आक्रामक कदम के, PoK भविष्य में भारत में शामिल हो सकता है.
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-भारत एक्सप्रेस
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