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राम मंदिर चंदा चोरी के बाद VIP पास को लेकर उठे सवाल; आखिर कौन करता था जारी?

अयोध्या राम मंदिर में वरिष्ठ पदाधिकारियों की डिजिटल आईडी का दुरुपयोग कर फर्जी वीआईपी पास जारी करने और वसूली का मामला सामने आया है. एसआईटी जांच के बाद ट्रस्ट ने चंपत राय समेत तीन बड़े पदाधिकारियों की आईडी ब्लॉक कर दी है.

Ram Mandir

Ram Mandir CEO

Ram Mandir VIP Pass Scam: अयोध्या के भव्य राम मंदिर में चढ़ावा चोरी का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ कि अब दर्शन के लिए जारी होने वाले VIP पास में बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है. आरोप है कि कुछ जालसाजों ने मंदिर ट्रस्ट के वरिष्ठ पदाधिकारियों की डिजिटल आईडी का गलत इस्तेमाल कर अंधाधुंध वीआईपी पास जारी किए और भक्तों से मोटी वसूली की. इस मामले में एसआईटी की जांच के बाद 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिसने ट्रस्ट के सुरक्षा और प्रबंधन तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.

ID के दुरुपयोग कर करते थे वसूली

राम मंदिर में वीआईपी पास पूरी तरह मुफ्त होता है, जो बुजुर्गों, अधिकारियों और विशेष अतिथियों को प्राथमिकता से दर्शन कराने के लिए बनाया गया है. अब तक ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, सदस्य अनिल मिश्रा और गोपाल राव की डिजिटल आईडी के जरिए ये पास ऑनलाइन या सिफारिशी पत्रों के वेरिफिकेशन के बाद जारी होते थे.

लेकिन जब आईडी के दुरुपयोग के बारे में पता चला, तो ट्रस्ट ने फौरन एक्शन लेते हुए चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव के डिजिटल क्रेडेंशियल को सस्पेंड कर दिया.

वहीं, अब पास जारी करने का पूरा जिम्मा सिर्फ ट्रस्ट के सदस्य महंत दिनेंद्र दास को सौंप दिया गया है. आपको बता दें कि ट्रस्ट के अलावा अयोध्या के डीएम, एसएसपी और डीआईजी को भी प्रशासन की तरफ से रोजाना 200-200 वीआईपी पास जारी करने का अधिकार मिला हुआ है.

कैसे बनता है पास?

ऑनलाइन तरीका: सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट online.srjbtkshetra.org पर जाएं. होमपेज पर दिए गए पास लिंक पर क्लिक करें और अपनी पसंद की आरती या दर्शन का विकल्प चुनें. इसके बाद मोबाइल नंबर या ईमेल डालकर ओटीपी से लॉगिन करें. यहां आप एक बार में अधिकतम 5 लोगों की डिटेल भर सकते हैं. कैलेंडर में ‘हरे बॉक्स’ वाली तारीख को चुनकर स्लॉट बुक करें और अप्रूवल के बाद पास डाउनलोड कर लें. ध्यान रहे, लाल बॉक्स का मतलब स्लॉट फुल है.

ऑफलाइन तरीका: इसके लिए आपको मंदिर के पास काउंटर पर जाकर एक फॉर्म भरना होगा. इसमें नाम, उम्र, जेंडर और पहचान पत्र की जानकारी देनी होती है. ऑफलाइन फॉर्म में एक बार में अधिकतम 8 लोगों का पास बन सकता है.

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-भारत एक्सप्रेस



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