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‘बंटवारे में झगड़े से खुली पोल’, राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी पर सपा का आरोप, चंपत राय पर साधा निशाना

Ram Mandir scam: अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में सपा नेता पवन पांडे ने दावा किया कि अखिलेश यादव को सबसे पहले जानकारी मिली थी. उन्होंने ट्रस्ट पर गंभीर आरोप लगाए और सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग की.

Ram Mandir scam: अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी का मामला लगातार तूल पकड़ रहा है. समाजवादी पार्टी के नेता और पूर्व विधायक पवन पांडे ने दावा किया है कि इस गड़बड़ी की जानकारी सबसे पहले सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव को मिली थी. पांडे के मुताबिक, अखिलेश ने उन्हें फोन कर इस मामले की पुष्टि करने को कहा था. इसके बाद उन्होंने अपने स्तर पर जांच की और पाया कि मंदिर में नकदी और आभूषणों की चोरी हुई है.

सोशल मीडिया पर उठा मुद्दा

पवन पांडे ने कहा कि अखिलेश यादव ने जब इस मामले की पुष्टि कर ली तो उन्होंने इसे सोशल मीडिया पर उठाया. इसके बाद यह मुद्दा पूरे देश में चर्चा का विषय बन गया. पांडे का कहना है कि चोरी का मामला दो वजहों से सामने आया. पहला, भगवान राम की इच्छा से और दूसरा, चोरी में शामिल लोगों के बीच बंटवारे को लेकर हुए विवाद से.

चोरी में शामिल लोगों में टकराव

सपा नेता ने आरोप लगाया कि मंदिर में चढ़ावे की गिनती करने वाले लोग आपस में इस बात पर भिड़ गए कि कौन ज्यादा पैसा और आभूषण बाहर ले जा रहा है. इसी झगड़े के बाद चोरी की बातें बाहर आने लगीं. उन्होंने दावा किया कि मंदिर में चढ़ाए गए सोने-चांदी और नकदी तक गायब की जा रही थी.

पुराने विवादों का जिक्र

पवन पांडे ने कहा कि राम मंदिर ट्रस्ट पर पहले भी अनियमितताओं के आरोप लगे थे. उन्होंने 2021 के जमीन खरीद विवाद का उदाहरण दिया, जिसमें 2 करोड़ की जमीन कुछ ही समय में 20 करोड़ में खरीदी गई थी. उनके मुताबिक, उस मामले में भी कोई कार्रवाई नहीं हुई और चढ़ावा चोरी का मामला लंबे समय से दबा हुआ था.

चंपत राय पर गंभीर आरोप

सपा नेता ने ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय पर सीधे आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि ट्रस्ट में बिना चंपत राय की मंजूरी कुछ भी नहीं होता था. पांडे ने आरोप लगाया कि चोरी करने वालों को संरक्षण दिया गया और बाद में इस्तीफे देने पड़े. उन्होंने सवाल उठाया कि अगर आरोप गलत थे तो ट्रस्ट ने मानहानि का केस क्यों नहीं किया?

SIT जांच पर सवाल

पवन पांडे ने विशेष जांच दल (SIT) की जांच पर भी भरोसा जताने से इनकार किया. उनका कहना है कि शिकायतकर्ता खुद ट्रस्ट है और रिपोर्ट भी उसी को सौंपी जानी है, इसलिए जांच निष्पक्ष नहीं हो सकती. उन्होंने मांग की कि इस मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में होनी चाहिए और जरूरत पड़ने पर ट्रस्ट को भंग कर नई व्यवस्था बनाई जानी चाहिए.

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आस्था से जुड़ा मामला

सपा नेता ने कहा कि राम मंदिर करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है. अगर यहां चढ़ावे में गड़बड़ी हुई है तो यह केवल आर्थिक अपराध नहीं बल्कि श्रद्धालुओं के विश्वास के साथ धोखा है. उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की और कहा कि मामले की परत-दर-परत जांच होनी चाहिए.

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-भारत एक्सप्रेस



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