Rampur Faizan Sheikh Case: रामपुर/अहमदाबाद: गुजरात के नवसारी से एटीएस (ATS) द्वारा गिरफ्तार किए गए रामपुर के फैजान शेख उर्फ फैजान सलमानी का मामला अब गहराता जा रहा है. पेशे से दर्जी फैजान के मंसूबे सुई-धागे से कहीं ज्यादा खतरनाक निकले. उसके मोबाइल से यूपी के 7 हिंदूवादी नेताओं और लड़कों की ‘हिट लिस्ट’ मिलने के बाद खुफिया एजेंसियां अलर्ट मोड पर हैं. मुरादाबाद की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन यूनिट (SIU) ने रामपुर के नरपतनगर पहुंचकर उसके घर और रिश्तेदारों से पूछताछ की है, वहीं जांच की आंच अब दुबई तक पहुंच गई है.
रामपुर की स्वार तहसील के नरपतनगर का रहने वाला 19 वर्षीय फैजान शेख पिछले करीब 4-8 वर्षों से गुजरात के नवसारी में सिलाई (कोट-पैंट) का काम करता था. 27 जनवरी को गुजरात ATS ने उसे नवसारी के चारपुल इलाके से गिरफ्तार (Faizan Sheikh Gujarat ATS,) किया. इसके बाद से ही इस मामले में कई खुलासे हो रहे हैं.
पूछताछ में हिट लिस्ट का खुलासा (Faizan Sheikh Jaish-e-Mohammed)
फैजान जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा जैसे आतंकी संगठनों की विचारधारा से प्रभावित था. उसने इस्लाम और पैगंबर के खिलाफ टिप्पणी करने वाले यूपी के 7 लोगों (हिंदूवादी नेताओं) की एक लिस्ट बनाई थी. वह इन लोगों की हत्या इस तरह करना चाहता था कि ‘पूरी दुनिया देखे’. इसके लिए उसने एक विवादित पोस्ट भी की थी.
फैजान के पास से उर्दू और अरबी में 29 पेज का कट्टरपंथी साहित्य बरामद हुआ है. कपड़े सिलाई से कमाए पैसों से वह हथियार और गोला-बारूद खरीद रहा था. फैजान की गिरफ्तारी के बाद अब उसका ‘दुबई कनेक्शन’ भी जांच के दायरे में है. फैजान का बड़ा भाई अनस पिछले 10 महीनों से दुबई में एक सैलून में काम करता है. एजेंसियों को शक है कि फैजान के तार वहां से भी जुड़े हो सकते हैं.
हिट लिस्ट में 7 लोग कौन? (Faizan Sheikh Hit List)
फैजान के पास से मिली लिस्ट में सात हिंदूवादी युवा नेताओं के नाम हैं, जिनमें दक्ष चौधरी, अकरू पंडित, डॉ. प्रकाश, युद्धि राणा, अभिषेक, गौरव राजपूत, और विक्रांत शामिल हैं. ये लोग दिल्ली-एनसीआर में गोरक्षा के काम में सक्रिय हैं. दक्ष चौधरी ने दिल्ली में कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार को थप्पड़ मारा था और अयोध्या में भाजपा की हार पर लोगों को गद्दार कहा था. अभिषेक ठाकुर रायबरेली के रहने वाले हैं और दिल्ली में रहते हैं. इन सातों पर कई मुकदमे दर्ज हैं और वे जेल भी जा चुके हैं. बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र शास्त्री और अनिरुद्धाचार्य महाराज जैसे कथावाचकों ने इनकी तारीफ की है.
SIU की टीम ने घर पर दी दबिश
शुक्रवार को मुरादाबाद SIU की टीम रामपुर के नरपतनगर पहुंची. टीम ने फैजान के घर, उसके पिता शकील अहमद और रिश्तेदारों (मामा-फूफा) से करीब आधे घंटे तक पूछताछ की. जांच में ‘अबू बकर’ नामक एक संदिग्ध का नाम सामने आया है, जो फैजान के संपर्क में था. फैजान टेलीग्राम और इंस्टाग्राम के जरिए आतंकी नेटवर्क से जुड़ा था और मसूद अजहर को फॉलो करता था.
बेटे के लिए परिवार की सफाई
एक तरफ जहां एटीएस फैजान को खतरनाक आतंकी मान रही है, वहीं रामपुर में उसका परिवार हैरान और परेशान है. फैजान के पिता शकील अहमद, जो मजदूरी करते हैं, बेटे की गिरफ्तारी की खबर सुनकर बदहवास हो गए. उन्होंने कहा कि मैंने बेटे को सहारा बनने के लिए भेजा था, वो कैसे फंस गया? मेरा बेटा पढ़ना-लिखना नहीं जानता, उसके मोबाइल में मिली अंग्रेजी और अरबी पोस्ट किसी और ने आईडी हैक करके डाली होगी.
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बेटे की सच्चाई जानने के लिए पिता शकील, नगर पंचायत अध्यक्ष खालिद अली के साथ गुजरात पहुंचे. वहां उन्होंने एटीएस अधिकारियों से मुलाकात की. अधिकारियों ने उन्हें बताया कि फैजान के मोबाइल से हिज्बुल मुजाहिदीन (HM) से जुड़ी पोस्ट और कमेंट मिले हैं. पिता ने बेटे से मुलाकात की, जहां फैजान उन्हें देखकर फफक कर रो पड़ा. वहीं उत्तर प्रदेश में बैठी मां फईम बेटे के लिए बदहवास हैं. गांव वाले भी उसे सरीफ बता रहे हैं.
अब आगे कहां जाएगा मामला? (Faizan Sheikh terror plot Update)
गुजरात एटीएस ने फैजान को 12 दिन की रिमांड पर लिया है. उसे 7 फरवरी को न्यायालय में पेश किया जाएगा. एटीएस की टीमें अब फैजान के सोशल मीडिया संपर्कों, कॉल डिटेल्स और दुबई कनेक्शन की बारीकी से पड़ताल कर रही हैं ताकि यह पता चल सके कि इस साजिश में और कौन-कौन शामिल है.
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