Rash Behari Bose Jayanti: गृह मंत्री अमित शाह ने महान क्रांतिकारी रास बिहारी बोस की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि दी. उन्होंने कहा कि बोस जी ने अपने अद्वितीय संगठन कौशल से स्वतंत्रता संग्राम को नई ऊर्जा दी और आजादी की लड़ाई को जन-जन का संकल्प बना दिया.
आजाद हिंद फौज और भारतीय स्वतंत्रता लीग का गठन
अमित शाह ने अपने संदेश में याद दिलाया कि रास बिहारी बोस ने ‘आजाद हिंद फौज’ और ‘भारतीय स्वतंत्रता लीग’ की स्थापना की थी. इन संगठनों के माध्यम से उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन को मजबूत किया और भारतीयों को एकजुट कर आजादी की अलख जगाई.
महान क्रांतिकारी रास बिहारी बोस जी की जयंती पर शत्-शत् नमन।
रास बिहारी बोस जी ने अद्वितीय संगठन कौशल से स्वतंत्रता संग्राम को नई ऊर्जा दी। उन्होंने ‘आजाद हिंद फौज’ और ‘भारतीय स्वतंत्रता लीग’ का गठन किया और गदर आंदोलन के माध्यम से विदेशों में भी भारतीयों को संगठित कर स्वाधीनता… pic.twitter.com/ByKyrXnckb
— Amit Shah (@AmitShah) May 25, 2026
गदर आंदोलन से विदेशों में भी अलख
बोस जी ने गदर आंदोलन के जरिए विदेशों में रह रहे भारतीयों को भी संगठित किया. उन्होंने स्वाधीनता की लौ को सीमाओं से परे फैलाया और यह सुनिश्चित किया कि आजादी का सपना हर भारतीय के दिल में जीवित रहे.
अदम्य साहस और समर्पण
अमित शाह ने कहा कि रास बिहारी बोस का अदम्य साहस और मातृभूमि के प्रति उनका समर्पण हमेशा प्रेरणा देता रहेगा. राष्ट्र उनके योगदान को कभी नहीं भूल सकता और आने वाली पीढ़ियां भी उन्हें नमन करती रहेंगी.
राष्ट्र की श्रद्धांजलि
इस अवसर पर अमित शाह ने ट्वीट कर लिखा कि बोस जी ने स्वतंत्रता संग्राम को नई दिशा दी और उनके बलिदान को देश सदैव याद रखेगा. उन्होंने कहा कि राष्ट्र उनके साहस और समर्पण को शत्-शत् नमन करता है.
कहां था जन्म?
रास बिहारी बोस का जन्म 25 मई 1886 को पश्चिम बंगाल के पुरबा बर्दवान जिले के सुबलदाहा गांव में हुआ था. उस समय यह क्षेत्र बंगाल प्रेसीडेंसी, ब्रिटिश भारत का हिस्सा था. बचपन से ही उनमें देशभक्ति की भावना गहरी थी और यही भावना आगे चलकर उन्हें महान क्रांतिकारी बना गई. उनका जन्मस्थान आज भी भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की प्रेरणा का प्रतीक माना जाता है.
Also Follow Bharat Express on Youtube
-भारत एक्सप्रेस
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

