झारखण्डे राय: जिसकी अर्थी भी चंदे से उठी, 7 बार सांसद रहे नेता ने सिद्धांतों के लिए छोड़ी मंत्री की कुर्सी
झारखण्डे राय ने आजादी के बाद गरीबों, किसानों और मजदूरों की आवाज बनकर राजनीति की और सिद्धांतों से कभी समझौता नहीं किया.
खुदीराम बोस के बलिदान दिवस पर गृह मंत्री अमित शाह ने दी श्रद्धांजलि: बोले- ‘अल्पायु में हिला दी थी अंग्रेजी हुकूमत की नींव’
खुदीराम बोस के बलिदान दिवस पर गृह मंत्री अमित शाह ने उन्हें याद करते हुए नमन किया. उन्होंने कहा कि 18 वर्ष की उम्र में उनका बलिदान युवाओं को प्रेरणा देता रहेगा.
बिरसा मुंडा के बलिदान दिवस पर देश ने किया नमन, पीएम मोदी बोले- उनकी प्रेरणा हर पीढ़ी को राष्ट्रभक्ति का संदेश देती रहेगी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा के बलिदान दिवस पर उन्हें नमन किया है. पीएम मोदी ने कहा कि मातृभूमि के लिए सर्वस्व त्याग करने की उनकी गाथा देश की हर पीढ़ी में राष्ट्रभक्ति का संचार करती रहेगी.
विदेशी धरती से आजादी की अलख जगाने वाले महानायक; क्या मिटाई जा रही है मौलाना बरकतुल्ला की पहचान?
भोपाल स्थित मौलाना बरकतुल्ला विश्वविद्यालय का नाम बदलने के प्रस्ताव ने एक बार फिर बहस को तेज कर दिया है.
पीएम मोदी ने वीर सावरकर की जयंती पर साझा किया विशेष वीडियो संदेश
Veer Savarkar Jayanti: वीर सावरकर जयंती पर पीएम मोदी ने विशेष वीडियो संदेश साझा किया. उन्होंने सावरकर के साहस, देशभक्ति और समाज सुधारों को याद किया.
रास बिहारी बोस जयंती पर अमित शाह का नमन, आजाद हिंद फौज और गदर आंदोलन की याद
Rash Behari Bose Jayanti: गृह मंत्री अमित शाह ने महान क्रांतिकारी रास बिहारी बोस की जयंती पर श्रद्धांजलि दी. उन्होंने कहा कि बोस जी ने आजाद हिंद फौज और भारतीय स्वतंत्रता लीग का गठन कर स्वतंत्रता संग्राम को नई ऊर्जा दी. गदर आंदोलन से विदेशों में भी आजादी की अलख जगाई.
रानी अवंतीबाई की जयंती पर गृह मंत्री अमित शाह का संदेश, 1857 की वीरांगना के साहस और बलिदान को किया याद
गृह मंत्री अमित शाह ने रानी अवंतीबाई लोधी को नमन किया. वे 1857 के संग्राम में अंग्रेजों से लड़ीं और वीरगति को चुना. उनका बलिदान राष्ट्रभक्ति का अमर संदेश है. देशभर में उनकी जयंती को विभिन्न कार्यक्रमों के जरिए मनाया जा रहा है.
वासुदेव बलवंत फड़के: 1857 की लौ को बुझने नहीं दिया, अंग्रेजों के खिलाफ शस्त्र क्रांति के जनक
वासुदेव बलवंत फड़के (4 नवंबर 1845 – 17 फरवरी 1883) भारत के प्रथम क्रांतिकारी और सशस्त्र स्वतंत्रता संग्राम के जनक माने जाते हैं.
वो ‘शेर-ए-पंजाब’ जिसकी दहाड़ से कांप उठी थी अंग्रेज हुकूमत, जानें साइमन कमीशन और लाठीचार्ज का वो खौफनाक सच
आज 'पंजाब केसरी' लाला लाजपत राय की जयंती है. जानें कैसे 63 साल की उम्र में उन्होंने साइमन कमीशन के खिलाफ नेतृत्व किया और उनके सीने पर पड़ी लाठियां ब्रिटिश साम्राज्य के अंत की वजह बनीं.
दादा भाई नौरोजी की 200वीं जयंती: ब्रिटेन के पहले एशियाई सांसद, राष्ट्रवाद के पितामह… वो अर्थशास्त्री, जिन्होंने अंग्रेजों की लूट को तार्किक ढंग से दुनिया के सामने रखा
दादाभाई नौरोजी, अपनी जिंदगी के आखिरी दिनों में अंग्रेजों द्वारा भारत के बेकसूर लोगों पर किए जा रहे अत्याचार और उनके शोषण पर लेख लिखा करते थे. वे ऐसी शख्सियत थे जिनके आदर्शों और महान विचारों से प्रभावित होकर लोग उन्हें भारत का ग्रैंड ओल्ड मैन कहने लगे थे.





