नेपाल के रसुवा जिले में मंगलवार तड़के अचानक आई बाढ़ के चलते 18 लोग लापता हो गए हैं. स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, लापता लोगों में तीन पुलिसकर्मी, नौ नागरिक और छह चीनी नागरिक शामिल हैं. यह जानकारी रसुवा के सहायक प्रमुख जिला अधिकारी ने दी.
अधिकारी ने बताया कि बाढ़ ने नेपाल-चीन फ्रेंडशिप ब्रिज (मैत्री पुल) और ड्राय पोर्ट में खड़ी कई नई इलेक्ट्रिक वाहनों को बहा दिया.
बाढ़ के समय गाड़ियों के अंदर थे लोग
रसुवा के मुख्य जिला अधिकारी अर्जुन पौडेल के हवाले से ‘द काठमांडू पोस्ट’ ने लिखा, “बाढ़ ने फ्रेंडशिप ब्रिज और ड्राय पोर्ट पर खड़ी कई ईवी को बहा दिया. ऐसा संदेह है कि कुछ लोग बाढ़ के समय गाड़ियों के अंदर थे, लेकिन इसकी पुष्टि अभी नहीं हुई है.”
उन्होंने यह भी बताया कि कई लोग, जिनमें सुरक्षा बल के जवान भी शामिल हैं, जो राहत और बचाव कार्य में लगे थे, उन्हें सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है.
सरकार राहत और बचाव कार्यों में जुटी
इस बीच नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने मंगलवार को सोशल मीडिया पर जानकारी देते हुए कहा कि सरकार राहत और बचाव कार्यों को “युद्ध स्तर” पर अंजाम दे रही है.
ओली ने लिखा, “त्रिशूली नदी में आई बाढ़ से कई लोगों की जान गई है, कुछ अब भी लापता हैं और संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचा है. सरकार प्रभावित लोगों के बचाव के लिए संसाधनों को युद्धस्तर पर लगा रही है. इस नदी में आगे चलकर भोटेकोशी नदी मिलती है.”
नेपाल में सभी गैर-जरूरी कार्यक्रम स्थगित
प्रधानमंत्री ने मृतकों के प्रति संवेदना और पीड़ितों के प्रति सहानुभूति व्यक्त की. उन्होंने कहा कि वह सुरक्षा एजेंसियों से लगातार रिपोर्ट ले रहे हैं और सभी गैर-जरूरी कार्यक्रम स्थगित कर दिए गए हैं. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सरकार की प्रतिक्रिया में किसी तरह की कमी न आने दी जाए. संवेदनशील इलाकों में आपातकालीन सहायता को प्राथमिकता दी जा रही है.
इस आपदा के मद्देनजर नेपाल के गृह मंत्रालय ने आपातकालीन बैठक बुलाई है. वहीं, केंद्रीय सुरक्षा समिति और राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण की कार्यकारी समिति की संयुक्त बैठक भी मंगलवार को बुलाई गई है.
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