Revant Reddy muslim reservation: तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के बयान के बाद से राज्य की राजनीति और गरमा गई है. हैदराबाद में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान सीएम रेवंत रेड्डी ने केंद्र सरकार और गृह मंत्री अमित शाह को खुली चुनौती देते हुए कहा कि उनकी सरकार राज्य में नफरत फैलाने वाले भाषणों (हेट स्पीच) पर रोक लगाने के लिए एक सख्त कानून लाने जा रही है.
सीएम ने अल्पसंख्यकों के समर्थन, हेट स्पीच पर कानून और मुस्लिम आरक्षण जैसे मुद्दों पर सीधे केंद्र सरकार और गृह मंत्री अमित शाह को घेरा है. उन्होंने बताया कि यह कानून राज्य विधानसभा के आगामी सत्र में पेश किया जाएगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में शांति और सौहार्द बनाए रखने के लिए ऐसे भाषणों पर कड़ी कार्रवाई जरूरी है. बता दें कि यह बयान रेड्डी ने हैदराबाद में आयोजित जमीयत उलेमा-ए-हिंद द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान दी.
अमित शाह को चुनावी चुनौती
मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को खुली चुनावी चुनौती दी है. उन्होंने कहा कि अगर भाजपा में दम है तो अमित शाह खुद चुनाव लड़कर तेलंगाना में सत्ता में आकर दिखाएं. मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि भाजपा केवल बयानबाजी करती है, जबकि तेलंगाना की जनता सच्चाई भली-भांति जानती है.
इस मौके पर मुख्यमंत्री ने जमीयत उलेमा-ए-हिंद का आभार भी जताया. उन्होंने कहा कि मलकाजगिरी लोकसभा चुनाव और तेलंगाना विधानसभा चुनाव में जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने उनका समर्थन किया, जिसके लिए वे संगठन के प्रति आभारी हैं.
मुस्लिम आरक्षण पर रेवंत रेड्डी का बड़ा बयान
मुख्यमंत्री ने मुस्लिम आरक्षण को लेकर भी अहम बयान दिया. उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार अल्पसंख्यकों के समर्थन से बनी है और उनकी सरकार अल्पसंख्यकों के अधिकारों की पूरी तरह रक्षा करेगी. रेवंत रेड्डी ने स्पष्ट किया कि अगर जरूरत पड़ी तो तेलंगाना सरकार सुप्रीम कोर्ट को मुस्लिम आबादी से जुड़ा पूरा डेटा सौंपने के लिए तैयार है.
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रेवंत रेड्डी ने बताया कि मुस्लिम आबादी से संबंधित सभी आंकड़े पिछले साल कराई गई जाति जनगणना के दौरान जुटाए गए थे. मुख्यमंत्री ने अमित शाह को चुनौती देते हुए कहा कि अगर उनमें साहस है तो वे मुसलमानों को मिलने वाला 4 प्रतिशत आरक्षण खत्म करके दिखाएं.
इस दौरान मुख्यमंत्री ने दोहराया कि उनकी सरकार नफरत फैलाने वाले भाषणों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी. उन्होंने कहा कि तेलंगाना सरकार संविधान के दायरे में रहकर फैसले लेती रहेगी और राज्य में शांति, भाईचारा और कानून-व्यवस्था बनाए रखना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है.
-भारत एक्सप्रेस
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