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अडानी-हिंडनबर्ग विवाद मामले में दायर पुनर्विचार याचिका खारिज, अदालत ने कहा- रिकॉर्ड में स्पष्ट रूप से कोई गलती नहीं

सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति जेबी पारदीवाला और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा की पीठ ने खारिज किया है.

Supreme Court

सुप्रीम कोर्ट. (फाइल फोटो)

अडानी-हिंडनबर्ग विवाद मामले में दायर पुनर्विचार याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया है. याचिका में अडानी ग्रुप की तरफ से स्टॉक मूल्य में हेरफेर के आरोपों की एसआईटी या सीबीआई से जांच कराने की मांग की गई थी.

सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति जेबी पारदीवाला और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा की पीठ ने खारिज किया है. यह पुनर्विचार याचिका याचिकाकर्ताओं में से एक अनामिका जायसवाल की ओर से दायर की गई थी. कोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि पुनर्विचार याचिका पर गौर करने के बाद रिकॉर्ड में स्पष्ट रूप से कोई गलती नहीं है. सुप्रीम कोर्ट नियम 2013 के आदेश 47 नियम एक के तहत समीक्षा का कोई मामला नहीं बनता है. लिहाजा समीक्षा याचिका खारिज की जाती है.

सेबी कर रहा मामले की जांच

कोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि बाजार नियामक सेबी आरोपों की व्यापक जांच कर रहा है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति एवं विनियम बोर्ड आरोपों की व्यापक जांच कर रहा है और इसका आचरण भरोसा जगाता है. बता दें कि कोर्ट 3 जनवरी 2023 में हिंडनबर्ग रिसर्च की तरफ से अडानी समूह पर लगाये गए आरोपों को लेकर अपना फैसला सुनाया था.

यह भी पढ़ें- आय से अधिक संपत्ति मामले में कर्नाटक के डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार को सुप्रीम कोर्ट से झटका, याचिका खारिज

हिंडनबर्ग रिसर्च की तरफ से धोखाधड़ी वाले लेनदेन और शेयर कीमतों में हेराफेरी सहित कई आरोप लगाए जाने के बाद अडानी समूह के शेयरों में भारी गिरावट आई थी. हालांकि अडानी समूह ने इन आरोपों को गलत बताते हुए खारिज कर दिया था. अडानी समूह ने अपने सफाई में कहा था कि वह सभी कानूनों और जरूरी सूचनाओं को साझा करने के प्रावधानों का अनुपालन करता है.

-भारत एक्सप्रेस



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