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कश्मीर के हंदवाड़ा में नशीली दवाओं के दुरुपयोग के खिलाफ SACPPE का जागरूकता कार्यक्रम, छात्रों ने लिया नशे के खिलाफ लड़ने का संकल्प

Handwara: एडीसी हंदवाड़ा नजीर अहमद मीर ने इस अवसर पर कहा कि कश्मीर घाटी के दूरदराज के इलाकों में इस तरह के आयोजन करना समय की मांग है.

Handwara

हंदवाड़ा में नशीले पदार्थों के खिलाफ आयोजित कार्यक्रम

Handwara: बीते दिनों कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के  हंदवाड़ा में नशीले पदार्थों के खिलाफ ऐन-उल-इलम मोरेलिटी एंड साइंस (AIIMS) संस्थान के सहयोग से साउथ एशिया सेंटर फॉर पीस एंड पीपल्स एम्पावरमेंट (SACPPE) द्वारा एक बड़े कार्यक्रम का आयोजन किया गया. अतिरिक्त उपायुक्त, हंदवाड़ा, नजीर अहमद मीर ने इस कार्यक्रम का नेतृत्व किया.

यह कार्यक्रम राज्य के लोगों खास तौर पर छात्र समुदाय को नशीली दवाओं के दुरुपयोग के खतरों के खिलाफ जागरूक करने के लिए आयोजित किया गया था, जोकि SACPPE के मिशन का हिस्सा था. कार्यक्रम में एम्स के सैकड़ों छात्रों ने भाग लिया, जिन्होंने इस खतरे के खिलाफ लड़ने का संकल्प लिया. वहीं लोगों में जगरूकता फैलाने के लिए छात्रों द्वारा दो नाटकों का मंचन भी किया गया. बता दें कि SACPPE एक सरकार से पंजीकृत, गैर-लाभकारी और राजनीतिक संगठन है, जो शिक्षा, अनुसंधान,  समाज के सर्वांगीण विकास और सीखने को बढ़ावा देने के लिए काम कर रहा है.

 ऐसे आयोजन समय की मांग

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एडीसी हंदवाड़ा नजीर अहमद मीर ने इस अवसर पर कहा कि कश्मीर घाटी के दूरदराज के इलाकों में इस तरह के आयोजन करना समय की मांग है. वहीं उन्होंने अपनी बात को बढ़ाते हुए कहा कि, “प्रशासन नशे के खतरे को खत्म करने की पूरी कोशिश कर रहा है, लेकिन इस खतरे से लड़ने के लिए पूरे समाज को आगे आना होगा. छात्र स्कूल और घर पर नशीली दवाओं के उन्मूलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. छात्रों को पहले ड्रग्स के उपयोग के खतरों और प्रभावों को सीखने की जरूरत है. उन्हें यह भी सिखाया जाना चाहिए कि दुरुपयोग की जाने वाली विभिन्न प्रकार की दवाओं की पहचान कैसे की जाए,”

नशीली दवाओं को लेकर करना होगा यह काम

कार्यक्रम में बोलते हुए एम्स के निदेशक ने कहा कि, “नशीली दवाओं के उपयोग की सूचना छात्रों को तुरंत स्कूल प्रशासन को देनी चाहिए. छात्र समुदाय के बीच जानबूझकर ड्रग्स को फैलाया जा रहा है.” उन्होंने आगे बोलते हुए कहा कि कश्मीर में हजारों युवा नशे की अंधेरी गलियों में फिसल रहे हैं, क्योंकि घाटी भारी मात्रा में हेरोइन के उपयोग से भर गई है. इस खतरे को खत्म करने के लिए न केवल सरकार बल्कि नागरिक समाज को भी जागना होगा.”

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इस अवसर पर, एडीसी के नेतृत्व में एक शपथ ग्रहण समारोह भी आयोजित किया गया. जहां उन्होंने ‘जीवन को हां, नशीले पदार्थों को ना’ शीर्षक से नशीली दवाओं के दुरुपयोग के खिलाफ शपथ को पढ़ा. कार्यक्रम में SACPPE द्वारा अपने क्षेत्र में उत्कृष्ठ प्रदर्शन करने वाले छात्रों, शिक्षकों, पत्रकारों और अन्य लोगों को पुरस्कार देते हुए सम्मानित किया गया.

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