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‘पीड़ितों के जख्मों पर नमक छिड़क रही कांग्रेस’: 1984 के आरोपी सज्जन कुमार की तारीफ पर पंजाब भाजपा का तीखा हमला

BJP Slams Congress On Sajjan Kumar: पंजाब भाजपा अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने कांग्रेस के उन बयानों की निंदा की, जिनमें 1984 के सिख-विरोधी दंगों के आरोपी और पूर्व सांसद सज्जन कुमार को रोल मॉडल बताया गया था. {ढिल्लों ने कहा कि नरसंहार के मुख्य आरोपी को ‘रोल मॉडल’ बताना पीड़ित परिवारों के घावों पर नमक छिड़कने जैसा है.

BJP Slams Congress On Sajjan Kumar

1984 के आरोपी सज्जन कुमार की तारीफ पर पंजाब भाजपा का तीखा हमला

BJP Slams Congress On Sajjan Kumar: पंजाब भाजपा अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने शुक्रवार को कांग्रेस नेताओं के उन बयानों की निंदा की, जिनमें 1984 के सिख-विरोधी दंगों के आरोपी और पूर्व सांसद सज्जन कुमार को रोल मॉडल बताया गया था.

उन्होंने कहा कि इस बयान ने एक बार फिर पार्टी की सिख-विरोधी सोच को उजागर कर दिया है.

ढिल्लों ने कहा कि 1984 के भयानक और दर्दनाक दंगों के 42 साल बाद भी पीड़ित परिवारों के घाव नहीं भरे हैं. ऐसे संवेदनशील समय में, नरसंहार के मुख्य आरोपी को ‘रोल मॉडल’ बताना पीड़ित परिवारों के घावों पर नमक छिड़कने और उनकी दर्दनाक यादों को फिर से ताजा करने की निंदनीय कोशिश है.

कांग्रेस की सिख विरोधी सोच उजागर

उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस की सिख-विरोधी सोच की जितनी भी निंदा की जाए, कम है. कांग्रेस ने बार-बार ऐसे काम किए हैं जिनसे सिख समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंची है. वह अपने नेताओं के ऐसे गैर-जिम्मेदाराना और शर्मनाक बयानों के लिए पीड़ित परिवारों और पूरे सिख समुदाय से बिना शर्त माफी मांगे.

दंगों के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे कुमार का गुरुवार को दिल्ली के एक अस्पताल में 80 साल की उम्र में निधन हो गया. तिहाड़ जेल में बंद कुमार की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया था. डॉक्टरों ने अस्पताल पहुंचने पर उन्हें मृत घोषित कर दिया.

पॉलम में हुई हिंसा के लिए दोषी पाये गए थे सज्जन कुमार

कांग्रेस के पूर्व नेता को 1 और 2 नवंबर 1984 को दिल्ली की पालम कॉलोनी में हुई हिंसा में उनकी भूमिका के लिए दोषी ठहराया गया था. यह हिंसा तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की उनके दो सिख अंगरक्षकों द्वारा हत्या के बाद हुई थी.

17 दिसंबर 2018 को दिल्ली हाई कोर्ट ने मामले में कुमार को बरी करने के ट्रायल कोर्ट के 2013 के फैसले को पलट दिया था. इसके बाद उन्हें दोषी ठहराया गया और उम्रकैद की सजा सुनाई गई.

5 सिखों की हुई थी हत्या

यह मामला पालम कॉलोनी के राज नगर पार्ट I में पांच सिख पुरुषों की हत्या और व्यापक हिंसा के दौरान एक गुरुद्वारे को जलाने से जुड़ा था.

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हाई कोर्ट ने कुमार को आपराधिक साजिश और उकसाने का दोषी ठहराया और निर्देश दिया कि वह अपनी बाकी बची जिंदगी जेल में बिताएं. अपने फैसले में कोर्ट ने 1984 की सिख-विरोधी हिंसा को ‘मानवता के खिलाफ अपराध’ करार दिया था.

-भारत एक्सप्रेस



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