एनसीबी के पूर्व अधिकारी समीर वानखेड़े के पक्ष में कानूनी लड़ाई ने नया मोड़ ले लिया है. अंधेरी मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट कोर्ट ने एक अहम आदेश देते हुए अंबोली पुलिस स्टेशन को निर्देश दिया है कि वह नम्रता श्रॉफ की भूमिका की जांच करे. यह आदेश बीएनएसएस की धारा 225 के तहत पारित किया गया है. पुलिस को अपनी जांच रिपोर्ट 30 नवम्बर 2025 तक अदालत में जमा करनी होगी.
यह आदेश सिर्फ एक औपचारिक प्रक्रिया नहीं है, बल्कि इस बात का संकेत है कि वानखेड़े के आरोपों में दम है और उन्हें नजरअंदाज नहीं किया जा सकता.

बॉलीवुड की ड्रग्स सांठगांठ को किया था उजागर
समीर वानखेड़े वही अधिकारी हैं जिन्होंने बॉलीवुड की ड्रग्स सांठगांठ को उजागर किया और सुशांत सिंह राजपूत केस की गुत्थी सुलझाने में अहम भूमिका निभाई. उनकी ईमानदारी और सख्त रुख ने उन्हें जनता का नायक बनाया, लेकिन साथ ही शक्तिशाली लॉबीज़ की आंखों की किरकिरी भी बन गए.
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अदालत ने श्रॉफ की जांच के दिये आदेश
अब जब अदालत ने श्रॉफ पर जांच का आदेश दिया है, यह साफ है कि वानखेड़े के खिलाफ रची गई साजिशें कानूनी कसौटी पर परखी जाएंगी. आने वाली रिपोर्ट अगर आरोपों की पुष्टि करती है, तो यह वानखेड़े की वर्षों की लड़ाई को वैध ठहराएगी और उन ताकतों को बेनकाब करेगी जो सच्चाई दबाने में जुटी थीं.
समीर वानखेड़े की जंग अब केवल व्यक्तिगत नहीं रह गई है. यह न्याय व्यवस्था की साख और ईमानदार अधिकारियों की सुरक्षा का सवाल बन चुकी है.
– भारत एक्सप्रेस
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