बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा है कि आने वाला समय कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और डिजिटल तकनीक का है. सुशासन को मजबूत बनाने और विकास योजनाओं को बेहतर तरीके से लागू करने के लिए इन तकनीकों का इस्तेमाल अब जरूरी हो गया है. उन्होंने कहा कि जो राज्य और संस्थाएं समय के साथ नई तकनीकों को नहीं अपनाएंगी, वे विकास की रफ्तार में पीछे रह सकती हैं.
मुख्यमंत्री गुरुवार को बिहार विधानसभा के विस्तारित भवन में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे. यह कार्यक्रम बिहार विधानमंडल के सदस्यों के लिए ‘कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के संवेदीकरण और मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना के प्रभावी क्रियान्वयन’ विषय पर आयोजित किया गया था. इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना के तहत तैयार किए गए ‘परियोजना निगरानी प्रणाली’ वेब पोर्टल का भी शुभारंभ किया.
सम्राट चौधरी ने कहा कि आज से कुछ साल पहले तक कंप्यूटर का इस्तेमाल सीमित दायरे में होता था, लेकिन अब डिजिटल तकनीक और एआई शासन व्यवस्था का अहम हिस्सा बन चुके हैं. उन्होंने मंत्रियों, विधायकों और विधान पार्षदों से अपील की कि वे इन तकनीकों का ज्यादा से ज्यादा उपयोग करें, ताकि विकास योजनाओं की निगरानी आसान हो और लोगों की समस्याओं का समाधान समय पर किया जा सके.
उन्होंने बताया कि एआई का फायदा केवल प्रशासनिक कामों तक सीमित नहीं है, बल्कि विकास योजनाओं की लागत और गुणवत्ता सुधारने में भी इसका उपयोग किया जा सकता है. मुख्यमंत्री ने उदाहरण देते हुए कहा कि भवन निर्माण विभाग के एक एस्टीमेट की एआई के माध्यम से जांच की गई तो अनुमानित लागत में पांच से सात प्रतिशत तक कमी सामने आई. इससे बचने वाली राशि को दूसरे विकास कार्यों में इस्तेमाल किया जा सकता है.
सरकारी योजनाओं में बढ़ रहा एआई का इस्तेमाल
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार कई महत्वपूर्ण योजनाओं में एआई और डिजिटल तकनीक का सहारा ले रही है. उन्होंने बताया कि सहयोग कार्यक्रम के संचालन से लेकर पात्र लोगों को राशन कार्ड उपलब्ध कराने की प्रक्रिया तक में तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है.
उन्होंने कहा कि बिहार में किसानों का डिजिटल सर्वे कराया जा रहा है और करीब 60 लाख किसानों को डिजिटल आईडी से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है. इससे किसानों से जुड़ी योजनाओं को बेहतर तरीके से लागू करने और उनकी जरूरतों को समझने में मदद मिलेगी.
डिजिटल शिक्षा और तकनीकी प्रशिक्षण पर जोर
सम्राट चौधरी ने कहा कि स्कूलों में कंप्यूटर शिक्षा दी जा रही है, लेकिन बदलते समय की जरूरतों को देखते हुए इसे और मजबूत करने की आवश्यकता है. उन्होंने बताया कि मुजफ्फरपुर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और कंप्यूटर साइंस विश्वविद्यालय की स्थापना की जा रही है. इससे बिहार में तकनीकी शिक्षा, शोध और नवाचार को बढ़ावा मिलेगा.
उन्होंने यह भी कहा कि केवल जनप्रतिनिधियों ही नहीं, बल्कि उनके सहयोगियों को भी समय-समय पर एआई, कंप्यूटर और सोशल मीडिया के इस्तेमाल का प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए, ताकि वे नई तकनीकों के साथ कदम से कदम मिलाकर चल सकें और जनता तक बेहतर सेवाएं पहुंचा सकें.
पंचायत स्तर तक पहुंची डिजिटल पहल
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार की सभी पंचायतों में मौसम केंद्र संचालित किए जा रहे हैं. इन केंद्रों से मिलने वाला मौसम पूर्वानुमान 70 से 80 प्रतिशत तक सटीक साबित हो रहा है. इसका फायदा खास तौर पर किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों के विकास में मिल रहा है.
कार्यक्रम में बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार, उप मुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव, बिहार विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह, विधानसभा उपाध्यक्ष नरेंद्र नारायण यादव सहित राज्य सरकार के कई मंत्री, विधायक, विधान पार्षद और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे.
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-भारत एक्सप्रेस
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