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WhatsApp से ज़रा बचके,कहीं ले ना जाए आपकी प्राइवेसी!

WhatsApp से ज़रा बचके,कहीं ले ना जाए आपकी प्राइवेसी!

WhatsApp से रहिए सावधान

नई दिल्ली- सोशल मीडिया प्लेटफार्म WhatsApp चैटिंग  के लिए सबसे ज्यादा यूज किया जाना वाला एप है. लेकिन पिछले कुछ समय से इसकी प्राइवेसी और सिक्योरटी को लेकर भारत  में काफी चर्चा चल रही है. अब टेलीग्राम के संस्थापक पावेल ड्यूरोव ने व्हाट्सपएप के जरिए चल रही जासूसी की बात कहकर यूजर्स को चौंका दिया है. उन्होंने कहा है कि,ये हर पल आपकी जासूसी कर रहा है, इसे इस्तेमाल करना तुरंत बंद करें.  व्हाट्सपएप का इस्तेमाल करके लोगों की जासूसी करने की  खबरें हर-तरफ जंगल में आग की तरह फैल रही है.

कब से जासूसी कर रहा WhatsApp  ?

टेलीग्राम के संस्थापक ड्यूरोव ने WhatsApp पर जासूसी का आरोप लगाते हुए कहा है कि, व्हाट्सपएप पिछले 13 सालों से यूजर्स की जासूसी कर रहा है. उन्होेंने आगे कहा कि,  “हर साल हम इस चैटिंग एप में किसी ना किसी समस्या के बारे में सुनते हैं. यह यूजर्स के डिवाइस पर डेटा को खतरे में डाल देता है.

भारत के लिए खतरा ?

ड्यूरोव ने  सोशल मीडिया यूजर्स को व्हाट्सअप से दूर रहने की हिदायत दी है. उनका कहना है कि यह लगातार लोगों के डेटा के जरिए उनकी जासूसी कर रहा है. इस लिहाज से भारत के लिए यह सबसे बड़ा खतरा हो सकता है क्योंकि  भारत उन देशों में शामिल है जहां सबसे अधिक एंड्रॉइड ट्रोजन डिटेक्शन हैं और व्हाट्सएप का एक क्लोन, थर्ड-पार्टी अनऑफिशियल वर्जन देश में लोगों की चैट की जासूसी करने में सक्षम है.

रिपोर्ट में बताया गया है कि, WhatsApp जैसे ऐप्स में  ऑडियो और वीडियो रिकॉर्ड करने वाले फीचर्स के अलावा इससे बड़े ही आसानी से यूजर्स की जासूसी करने वाले टूल्स मौजूद होते हैं. इस रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि,  “क्लोन किया गया ऐप गूगल प्ले पर नहीं है. यही वजह है कि वैध व्हाट्सएप की तुलना में कोई सुरक्षा जांच नहीं है. साथ ही बहुत सारी डाउनलोड वेबसाइटों पर मौजूद एडिशन मैलवेयर से फुल हैं.”

 

-आईएएनएस / भारत



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