Shahdol Sand Mining Row
Shahdol Sand Mining Row: जिले के अंतिम छोर पर स्थित पपौंध थाना क्षेत्र में अवैध रेत उत्खनन को लेकर एक बार फिर विवाद सामने आया है. सिद्ध बाबा मंदिर के पास झरी नामक स्थान पर बीती रात उस समय हंगामा खड़ा हो गया, जब कथित तौर पर पैसे जमा नहीं करने पर एक ट्रैक्टर चालक को नदी की ओर जाने से रोक दिया गया. इस घटना के बाद चालक ने विरोध स्वरूप अपना ट्रैक्टर बीच रास्ते में खड़ा कर दिया, जिससे रेत से लदे ट्रैक्टरों की लंबी कतार लग गई और मौके पर तनावपूर्ण स्थिति बन गई.
ट्रैक्टर चालक और रेत कारोबारी की बहस का वीडियो वायरल
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ट्रैक्टर चालक और कथित रूप से अवैध रेत कारोबार से जुड़े लोगों के बीच काफी देर तक तीखी बहस और नोकझोंक होती रही. विवाद बढ़ने के कारण कुछ समय के लिए मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो गया. इस दौरान वहां मौजूद लोगों ने पूरी घटना का वीडियो अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड कर लिया. घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है.
शाम ढ़लते ही शुरू हो जाता है काला कारोबार
स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि पपौंध थाना क्षेत्र के कई हिस्सों में लंबे समय से अवैध रेत खनन का कारोबार संचालित हो रहा है. उनका कहना है कि सूरज ढलते ही नदी घाटों पर गतिविधियां तेज हो जाती हैं और पूरी रात ट्रैक्टरों के माध्यम से रेत का परिवहन किया जाता है. ग्रामीणों का दावा है कि यह काम खुलेआम होता है, लेकिन इसके बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से अवैध कारोबारी अपनी मनमानी कर रहे हैं.
यह भी पढ़ें: PM मोदी की ‘लोकल फॉर ग्लोबल’ नीति का कमाल, खादी का टर्नओवर रिकॉर्ड स्तर पर, अब ई-कॉमर्स से दुनिया फतेह की तैयारी
स्थानीय लोगों ने प्रशासन पर उठाए सवाल
इस घटना ने एक बार फिर प्रशासन और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं. जिले में हाल ही में अवैध खनन से जुड़े मामलों के बीच एएसआई और पटवारी की हत्या जैसी गंभीर घटनाएं सामने आ चुकी हैं. इसके बावजूद प्रशासन अवैध रेत उत्खनन पर रोक नहीं लगा पा रहा है.
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं की गई तो रेत माफियाओं के वर्चस्व और अवैध गतिविधियों को लेकर भविष्य में कोई बड़ी और गंभीर घटना घट सकती है. फिलहाल वायरल वीडियो के सामने आने के बाद पुलिस और प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं. हालांकि मामले को लेकर संबंधित अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर अब सभी की नजरें टिकी हुई हैं.
भारत एक्सप्रेस
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

