निसार अहमद
नई दिल्ली: बीजेपी के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह की बेटी शालिनी सिंह वैसे तो सामाजिक कार्यों में सक्रिय और सरगर्म हैं, वह वकील और एजुकेशनिस्ट हैं। और वह नोएडा सिटिजन फोरम की सदस्य भी हैं। लेकिन अब शायरी के मैदान में उन्होंने अपना नाम रोशन किया है और उनकी बेहद खास किताब बेबाक हूँ-बे-अदब नहीं का विमोचन किया गया है.
पूर्व राज्यपाल कलराज मिश्रा रहे मुख्य अतिथि
शालिनी सिंह की शायरी पर आधारित पुस्तक “बेबाक हूँ- बेअदब नहीं” का विमोचन आज दिल्ली के अशोका रोड पर हुआ. इस अवसर पर पूर्व राज्यपाल कलराज मिश्रा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए. जबकि शालिनी सिंह के पिता और पूर्व सांसद बृज भूषण सिंह भी मौजूद रहे.
इस अवसर पर पदमा सुनील जोगी और प्रसिद्ध कवि डॉ हरि ओम पवार भी उपस्थित रहे. सभी मेहमानों ने शालिनी सिंह की किताब और शायरी की जम कर तारीफ की. इस से पहले सभी मेहमानों का स्वागत किया गया और फिर दीप प्रज्वलित करके कार्यक्रम का आग़ाज़ किया गया. कलराज मिश्रा ने अपने सम्बोधन में शालिनी सिंह को बधाई दी और उनकी शायरी की तारीफ की. उन्होंने कहा की ये पुस्तक शालिनी सिंह की दिलचस्पी को साबित करती है कि उनके जीवन में साहित्य की कितनी अहमियत है. वो जो कुछ सोचती हैं उन्होंने उसे अपनी शायरी में जगह दी है.
बृजभूषण सिंह ने कविताओं में रुचि लेने की दी सलाह
बृजभूषण शरण सिंह ने आज के दिन को बेहद ख़ास बताते हुए कहा कि आज शालिनी सिंह ने खुद को साबित किया है. लेकिन इससे पहले मेरी पुस्तक के संबंध में मेरी कोई बात नहीं हुई है. लेकिन आज मैं बहुत खुश हूं. मेरी जिंदगी में भी कविताओ का बहुत अहम रोल रहा है. शायद यही असर शालिनी सिंह पर भी हुआ. उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि जीवन में अच्छी किताबों को पढ़ा करो. अच्छे दोस्त बनाओ. अच्छे लोगों से ताल मेल रखो. कविता भटके हुए को रास्ता दिखाती है. जब मैं फंस जाता हूं तो कविता का सहारा लेता हूं.

शालिनी सिंह ने अपने पिता को ईश्वर से भी पहले बताया
शालिनी सिंह ने बहुत भावुक होते हुए कहा कि मैंने कभी अपने पिता के बारे में इतना नहीं बोला है. लेकिन आज मैं जो कुछ भी हूँ उनकी वजह से ही हूं. उन्होंने अपनी किताब में लिखा कि मेरे लिए पिता का स्थान ईश्वर से भी पहले आता है. कियोंकि मेरे पिता ने शिछा, संस्कार और जीवन के प्रति मज़बूती के जो बीज मुझ मे बोये, उनके प्रति मैं सदैव क़र्ज़दार रहूंगी. उन्होंने उर्दू भाषा से अपनी मोहब्बत और लगाव का भी इज़हार किया. आपको बता दें कि उर्दू ज़ुबान से लगाव उनकी शायरी में भी झलक रही है.
बृजभूषण शरण सिंह की इकलौती बेटी हैं शालिनी सिंह
आपको बता दें कि पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह की इकलौती बेटी शालिनी सिंह एक शिक्षाविद, वकील, लेखिका, शूटर और कवियत्री हैं, जो अक्टूबर 2025 में सार्वजनिक मंच पर अपनी शायरी और काव्य पाठ के बाद सुर्खियों में आईं. उन्होंने अपने पिता के समर्थन में “मैं पहलवान की बेटी हूं” कहकर अपनी बेबाक शैली का प्रदर्शन किया और 5 किताबें लिख चुकी हैं. यह पुस्तक ‘बेबाक हूँ बेअदब नहीं’ उनके साहस और संवेदनाओं की कहानी है.
शालिनी सिंह एक कवयित्री और उद्यमी हैं. लेकिन अब वह अपनी शायरी की वजह से सुर्ख़ियों में आ चुकी हैं.
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-भारत एक्सप्रेस
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