केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज पुणे के बालेवाड़ी में आयोजित प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के कार्यक्रम में भाग लिया. इस अवसर पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री अजीत पवार, ग्रामीण विकास मंत्री जय कुमार गोरे, राज्यमंत्री योगेश कदम और अन्य वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहे.
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार हर पात्र गरीब को उसका घर देने के लिए संकल्पित है. उन्होंने बताया, “पिछले साल 9 जून को मुझे मंत्रालय की जिम्मेदारी मिली, और 11 जून को कार्यभार संभालने के बाद, अभी एक साल भी पूरा नहीं हुआ है और हमने 30 लाख घर देने का लक्ष्य पूरा कर लिया है. यह मोदी जी के विजन और जनसेवा के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का परिणाम है.”
उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र सरकार हर साल 65 हजार करोड़ रुपये गरीबों के मकान निर्माण पर खर्च कर रही है, जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए बड़ा कदम है. उन्होंने पुराने सर्वे में छूटे पात्र लाभार्थियों को शामिल करने के लिए पुनः सर्वेक्षण की मांग भी की.
सरकार की ग्रामीण आवास योजनाओं पर भारी खर्च
मंत्री ने पात्रता मापदंडों में किए गए बदलावों की जानकारी देते हुए कहा, “अब 15 हजार रुपये मासिक आमदनी वाले और टू-व्हीलर रखने वाले गरीबों को भी मकान मिलेगा. इसके अलावा, ढाई एकड़ तक सिंचित और 5 एकड़ तक असिंचित जमीन रखने वाले किसान भी इस योजना का लाभ उठा सकेंगे.”
शिवराज सिंह ने महाराष्ट्र सरकार की ‘लाडकी बहना योजना’ की सराहना करते हुए इसे महिलाओं के आत्मसम्मान से जुड़ी योजना बताया. उन्होंने कहा कि ये केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि बहनों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ठोस प्रयास हैं.
लखपति दीदी योजना पर बोलते हुए उन्होंने कहा, “आज महिलाएं लखपति ही नहीं, महालखपति और मिलेनियम दीदी भी बन रही हैं. हर बहन को समृद्ध और आत्मनिर्भर बनाना प्रधानमंत्री मोदी जी का संकल्प है.”
कार्यक्रम के अंत में मंत्री ने किसानों से ‘विकसित कृषि संकल्प अभियान’ में जुड़ने का आह्वान किया और कहा कि सेवा और विकास का यह अभियान लगातार जारी रहेगा.
-भारत एक्सप्रेस
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