Singrauli Love Affair Murder: सिंगरौली/शकील अहमद सिद्दीकी: मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले से एक ऐसी सनसनीखेज वारदात सामने आई है, जिसने पुलिस प्रशासन और आम जनता के होश उड़ा दिए हैं. बरगवां थाना क्षेत्र के ग्राम पोखरा में एक 20 वर्षीय युवक संदीप यादव की प्रेम प्रसंग के चलते बेहद क्रूरता से हत्या कर दी गई. सिंगरौली पुलिस अधीक्षक (SP) मनीष खत्री ने इस “अंधी हत्या” का पर्दाफाश करते हुए बताया कि आरोपियों ने युवक को न केवल बिजली के झटके दिए, बल्कि जिंदा रहते हुए कुल्हाड़ी से उसका पैर भी काट दिया.
खेत में मिला था अधमरा युवक
घटना की शुरुआत 28 फरवरी की सुबह हुई, जब ग्राम पोखरा में परमानंद बैस के खेत में संदीप यादव लहूलुहान और बेहोशी की हालत में पाया गया. उसके शरीर पर चोटों के गहरे निशान थे और बायां पैर कटा हुआ था. पुलिस ने उसे तुरंत जिला अस्पताल और फिर बेहतर इलाज के लिए जबलपुर रेफर किया, लेकिन जख्म इतने गहरे थे कि उपचार के दौरान संदीप ने दम तोड़ दिया. मामले की गंभीरता को देखते हुए आईजी रीवा और डीआईजी के निर्देश पर विशेष टीम का गठन किया गया.
प्रेम प्रसंग और शादी का दबाव बना काल
पुलिस की गहन तफ्तीश और डॉग स्क्वॉड की मदद से चौंकाने वाला खुलासा हुआ. मृतक संदीप का ग्राम पोखरा की पूजा पनिका से प्रेम संबंध था. हाल ही में पूजा की शादी उत्तर प्रदेश के सोनभद्र में तय हुई थी, जिससे संदीप नाराज था और वह पूजा पर शादी तोड़ने का दबाव बना रहा था. इसी बात से परेशान होकर पूजा ने अपने परिजनों के साथ मिलकर संदीप को रास्ते से हटाने की खौफनाक साजिश रची.
वह काली रात: करंट, लाठी और कुल्हाड़ी
योजना के मुताबिक, 27 फरवरी की रात पूजा ने संदीप को मिलने के बहाने अपने घर बुलाया. जैसे ही संदीप वहां पहुँचा, पूजा के चाचा भोलानाथ, भाई मेलासागर और माँ मुन्नी देवी ने उसे दबोच लिया. आरोपियों ने पहले उसे डराने के लिए बिजली के नंगे तारों से करंट लगाया. जब वह फिर भी शादी की जिद पर अड़ा रहा, तो आरोपियों ने लाठी-डंडों से उसकी बेरहमी से पिटाई की. क्रूरता की हद पार करते हुए चाचा भोलानाथ ने कुल्हाड़ी से संदीप का बायां पैर काट दिया. अत्यधिक रक्तस्राव होने पर उसे मृत समझकर खेत में फेंक दिया गया और उसके कपड़े जला दिए गए ताकि पहचान छिपाई जा सके.
साजिश को ‘हादसे’ का रूप देने की कोशिश
आरोपियों ने पूरी चालाकी से इस जघन्य हत्याकांड को एक दुर्घटना या जंगली जानवर का हमला साबित करने की कोशिश की. उन्होंने मौके पर ऐसे साक्ष्य छोड़े जिससे लगे कि करंट जंगली जानवरों के शिकार के लिए बिछाए गए तारों से लगा है. हालांकि, वैज्ञानिक साक्ष्यों और मुखबिरों की सूचना के आधार पर बरगवां पुलिस ने चारों आरोपियों को धर दबोचा. आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है और उनकी निशानदेही पर कुल्हाड़ी, तार और मोबाइल बरामद कर लिए गए हैं.
ये भी पढ़ें: विश्व कप की जीत का जश्न पड़ा भारी; उज्जैन की कॉलोनी में चले तलवार और डंडे, कई लोग लहूलुहान
पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर चारों आरोपियों को जेल भेज दिया है. पुलिस अधीक्षक ने इस सफल खुलासे के लिए पूरी टीम को 10 हजार रुपये के नकद इनाम की घोषणा की है. यह घटना दर्शाती है कि आवेश और सामाजिक प्रतिष्ठा के नाम पर लोग किस हद तक गिर सकते हैं. प्रेम का अंत जब ऐसे खूनी मोड़ पर होता है, तो वह पूरे समाज के लिए एक चेतावनी बन जाता है.
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

