लद्दाख के एक्टिविस्ट और इंजीनियर सोनम वांगचुक (Sonam Wangchuk) को सरकार द्वारा 26 सितंबर 2025 को गिरफ्तार किया गया था. उनकी गिरफ्तारी लद्दाख में हिंसा फैलाने के आरोप में राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत की गई थी. उस वक्त बीजेपी (BJP) के कई नेताओं ने सोनम वांगचुक पर कड़े सवाल खड़े किए थे. हालांकि अब वहीं बीजेपी सासंदों वाले संसदीय पैनल ने एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक की संस्था की तारीफ की है.
सोनम वांगचुक की तारीफ की
सोनम वांगचुक की संस्था हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ अल्टरनेटिव्स (HIAL) की संसदीय समिति ने तारीफ की है. दिग्विजय सिंह की अध्यक्षता वाली संसदीय समिति का कहना है कि इस संस्थान का काम शानदार है और इसे यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (UGC) से मान्यता मिलनी चाहिए. समिति ने HIAL की तारीफ करते हुए इसे राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 को लागू करने वाला संस्थान बताया है.
संसदीय समिति लद्दाख दौरे के दौरान HIAL के शिक्षा, रिसर्च और उद्यमिता के माहौल से बहुत प्रभावित हुई. यहां की पढ़ाई स्थानीय संस्कृति और पर्यावरण से जुड़ी अनुभव आधारित है, जो समिति को बहुत अच्छी लगी. समिति की चिंता है कि कई सालों से HIAL की UGC मान्यता का मामला लंबित है. संस्थान ने आइस स्टूपा जैसी परियोजनाओं से स्थानीय समुदाय पर बड़ा असर डाला है और दुनिया भर में नाम कमाया है.
इस समिति में कौन-कौन है?
संसद की इस अस्थाई समिति में बीजेपी (BJP) नेता संबित पात्रा, रविशंकर प्रसाद और बांसुरी स्वराज जैसे दिग्गज नेता शामिल हैं. समिति के अध्यक्ष कांग्रेस सांसद दिग्विजय सिंह हैं.
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किस हाल में हैं सोनम वांगचुक?
सोनम वांगचुक जोधपुर जेल में बंद हैं. सितंबर 2025 में लद्दाख में राज्य का दर्जा और छठी अनुसूची की मांग को लेकर हुए प्रदर्शनों में हिंसा के बाद उन्हें नेशनल सिक्योरिटी एक्ट (NSA) के तहत 26 सितंबर को गिरफ्तार किया गया था. उन प्रदर्शनों में चार लोगों की मौत हुई थी और 90 लोग घायल हुए थे. सरकार ने वांगचुक पर हिंसा भड़काने का आरोप लगाया है.
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