Nisith Pramanik Action: कुर्सी संभालते ही खेल मंत्री निशीथ प्रमाणिक ने स्पष्ट कर दिया है कि खेल और खिलाड़ियों के साथ अब कोई खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. मंगलवार को आयोजित एक पत्रकार वार्ता में उन्होंने जहां एक ओर सख्त संदेश देकर खेल माफियाओं की नींद उड़ा दी, वहीं दूसरी ओर कई ऐतिहासिक घोषणाएं कर वे खिलाड़ियों के लिए ‘कल्पतरु’ (मनोकामना पूरी करने वाले) बन गए. उनका साफ कहना है कि अतीत की गलतियों की पुनरावृत्ति अब किसी भी कीमत पर नहीं होगी.
परिवारवाद को अल्टीमेटम (Nisith Pramanik On Messi scandal)
प्रेस वार्ता में सबसे बड़ा धमाका ‘मेसी कांड’ (Messi Incident) को लेकर हुआ. खेल मंत्री ने सख्त लहजे में कहा, “मेसी कांड खेल जगत के लिए एक काला अध्याय है. इसके पीछे कौन लोग हैं, इसकी फाइल खोल दी गई है और कड़ी कार्रवाई की जाएगी.” उन्होंने दो टूक कहा कि जिस संस्था ने यह कार्यक्रम आयोजित किया था, उसे हर हाल में पैसे वापस करने होंगे. इसके साथ ही, उन्होंने सभी खेल संगठनों से जल्द से जल्द राष्ट्रीय खेल विधेयक लागू करने की अपील की और चेतावनी दी कि किसी भी खेल संगठन में ‘परिवारवाद’ (Nepotism) बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
इन्फ्रास्ट्रक्चर का कायाकल्प
खेल जगत की नकारात्मक छवि दूर करने और सुविधाओं को विश्वस्तरीय बनाने के लिए मंत्री ने कई बड़े ऐलान किए.
- प्रतिमा विवाद खत्म: युवभारती स्टेडियम के बाहर लगी ‘विश्व बंगला’ की प्रतिमा को जल्द हटाया जाएगा और उसकी जगह किसी पूर्व महान फुटबॉलर की प्रतिमा स्थापित की जाएगी.
- स्केटिंग और ओलंपिक ट्रैक: ओलंपिक में स्केटिंग के शामिल होने के मद्देनजर उत्तर और दक्षिण बंगाल में जल्द ही ‘स्केटिंग रिंग’ बनाई जाएगी. वहीं, रवींद्र सरोवर स्टेडियम में नया ओलंपिक ट्रैक बिछाया जाएगा.
- नए इंडोर स्टेडियम: मौजूदा इंडोर स्टेडियमों को छोटा बताते हुए कई बड़े और आधुनिक इंडोर स्टेडियम बनाने की घोषणा की गई है. स्टेट गेम्स के लिए एक एडवाइजरी कमेटी भी बनाई जाएगी.
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तैराकों को विदेश यात्रा और नई योजनाएं
खेल मंत्री (Nisith Pramanik Sports Minister) ने बताया कि बंगाल के प्रतिभाशाली तैराक, जिनमें मेडल जीतने की क्षमता है, उन्हें अब सीधे केंद्रीय योजनाओं के दायरे में लाया जाएगा और जरूरत पड़ने पर उन्हें उचित प्रशिक्षण के लिए विदेश भी भेजा जाएगा. खेलों को जमीनी स्तर पर ले जाने के लिए जल्द ही “खेलो इंडियन” कार्यक्रम शुरू होगा. 7 जून को ब्लॉक और जिला स्तर पर साइकिल मैराथन का आयोजन किया जाएगा. वहीं, महिला खिलाड़ियों के सशक्तिकरण के लिए विशेष रूप से “खेलो अस्मिता” कार्यक्रम शुरू करने की घोषणा ने बंगाल के खेल जगत में एक नई ऊर्जा भर दी है.
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