फाइल फोटो
आज भारत की युवा शक्ति और नवाचार (Innovation) के लिए एक ऐतिहासिक दिन है. पीएम मोदी की महत्वकांक्षी पहल ‘स्टार्टअप इंडिया’ ने अपने 10 साल पूरे कर लिए हैं. इस खास मौके पर ‘राष्ट्रीय स्टार्टअप दिवस’ के तहत दिल्ली के प्रतिष्ठित भारत मंडपम में एक भव्य समारोह का आयोजन किया जा रहा है. प्रधानमंत्री मोदी खुद इस जश्न में शामिल होंगे और देश के दिग्गज उद्यमियों, निवेशकों और स्टार्टअप संस्थापकों से सीधा संवाद करेंगे.
पीएम मोदी का संवाद
इस कार्यक्रम में पीएम मोदी न केवल संबोधित करेंगे, बल्कि उन युवाओं के अनुभव भी सुनेंगे जिन्होंने शून्य से शिखर तक का सफर तय किया है. प्रधानमंत्री ने देशवासियों को बधाई देते हुए कहा कि यह दिन भारतीय युवाओं की ‘Can Do’ स्पिरिट और जोखिम लेने की क्षमता का उत्सव है. 16 जनवरी 2016 को शुरू हुई इस पहल का मकसद भारत को ‘नौकरी मांगने वाले’ देश से ‘नौकरी देने वाले’ देश में बदलना था, जो आज हकीकत बनता दिख रहा है.
2 लाख स्टार्टअप्स का कीर्तिमान
बीते एक दशक में भारत की तस्वीर बदल गई है. आंकड़ों पर नजर डालें तो 2014 में देश में जहां केवल 4 यूनिकॉर्न (1 अरब डॉलर से ज्यादा वैल्यू वाली कंपनियां) थीं, वहीं आज इनकी संख्या 120 के पार जा चुकी है, जिनका कुल मूल्यांकन 350 अरब डॉलर से अधिक है. दिसंबर 2025 तक डीपीआईआईटी (DPIIT) द्वारा मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स की संख्या 2 लाख का आंकड़ा पार कर चुकी है. यह क्रांति अब केवल बेंगलुरु या गुरुग्राम तक सीमित नहीं है, बल्कि देश के करीब 50% स्टार्टअप्स अब टियर-2 और टियर-3 शहरों से निकल रहे हैं.
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महिलाओं की लंबी छलांग
स्टार्टअप इंडिया की सफलता की एक बड़ी कहानी महिला सशक्तीकरण भी है. आंकड़ों के मुताबिक, 45% स्टार्टअप्स ऐसे हैं जिनमें कम से कम एक महिला निदेशक या भागीदार है. सरकार की ‘फंड ऑफ फंड्स’, ‘सीड फंड स्कीम’ और ‘क्रेडिट गारंटी योजना’ ने युवाओं के सपनों को पंख दिए हैं. 2047 तक ‘विकसित भारत’ के सपने को पूरा करने में यह स्टार्टअप इकोसिस्टम रीढ़ की हड्डी साबित हो रहा है.
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