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प्रदर्शन से 8 दिन पहले देना होगा नोटिस, सावित्रीबाई फुले पुणे यूनिवर्सिटी के इस फरमान पर भड़के छात्र

30 दिसंबर को जारी एक सर्कुलर में SPPU ने घोषणा की कि किसी भी बैठक, धरना, विरोध या इसी तरह के कार्यक्रमों के लिए आयोजन से आठ दिन पहले विश्वविद्यालय प्रशासन से अनुमति लेनी होगी.

सोमवार (13 जनवरी) को कई छात्र समूहों ने सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय (SPPU) के हालिया सर्कुलर के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया, जिसमें परिसर में किसी भी विरोध प्रदर्शन की अनुमति के लिए आठ दिन पहले की नोटिस अवधि अनिवार्य की गई थी. नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI), भीम आर्मी स्टूडेंट्स फेडरेशन, नेशनलिस्ट स्टूडेंट कांग्रेस, यूनिवर्सिटी स्टूडेंट स्ट्रगल एक्शन कमेटी, सम्यक विद्यार्थी आंदोलन, न्यू समाजवादी अल्टरनेटिव और युवक क्रांति दल के छात्र और स्वयंसेवक विरोध प्रदर्शन में शामिल थे.

30 दिसंबर को जारी एक सर्कुलर में SPPU ने घोषणा की कि किसी भी बैठक, धरना, विरोध या इसी तरह के कार्यक्रमों के लिए आयोजन से आठ दिन पहले विश्वविद्यालय प्रशासन से अनुमति लेनी होगी. सर्कुलर में कहा गया है कि बिना अनुमति के आयोजित किए गए ऐसे किसी भी कार्यक्रम के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी.

हम अपना विरोध दर्ज कराते रहेंगे

इंडियन एक्सप्रेस की खबर के अनुसार, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP), NSUI और यूनिवर्सिटी स्टूडेंट स्ट्रगल एक्शन कमेटी जैसे प्रमुख छात्र समूहों ने सर्कुलर जारी होने के बाद इसका विरोध किया था. भीम आर्मी स्टूडेंट फेडरेशन के सुल्तान शाह ने कहा, “आज, शिव-फुले-शाहू-अंबेडकर विचारधारा का पालन करने वाले सभी संगठनों ने सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय में एक संयुक्त विरोध प्रदर्शन का आयोजन किया है. अगर आने वाले समय में इस सर्कुलर को वापस नहीं लिया जाता है, तो हम संवैधानिक तरीकों से अपना विरोध दर्ज कराते रहेंगे.”

अवधि 8 दिन की जगह 24 घंटे की जाए

इससे पहले, ABVP  ने SPPU परिसर में विरोध प्रदर्शन किया था, जिसमें मांग की गई थी कि विवादास्पद सर्कुलर को वापस लिया जाए और आठ दिन की नोटिस अवधि को घटाकर 24 घंटे किया जाए. आईएलएस कॉलेज के छात्र अविनाश सोलंके और महाराष्ट्र युवा कांग्रेस के मीडिया विभाग के अध्यक्ष अक्षय जैन ने भी जनवरी के पहले सप्ताह में बॉम्बे हाईकोर्ट की औरंगाबाद पीठ में एक रिट याचिका दायर की थी, जिसमें अनुरोध किया गया था कि सर्कुलर को रद्द कर दिया जाए.


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-भारत एक्सप्रेस



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