Bharat Express DD Free Dish
Uttar Pradesh Police Mission Shakti Digital
Uttar Pradesh Police Mission Shakti Digital

Sultanpur: डॉक्टर मर्डर केस में भाजपा नेता के भतीजे पर 50 हजार का इनाम घोषित, जमीन पर पुलिस ने किया कब्जा

फरार आरोपी अजय के पिता जगदीश को जेल भेजा गया है. साथ ही साथ डॉक्टर के परिवार को उनकी जमीन पर प्रशासन द्वारा कब्जा दिला दिया गया है.

बुलडोजर कार्रवाई करती पुलिस

Rakesh Kumar Edited by Rakesh Kumar

-आशुतोष मिश्रा

Sultanpur: उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर में डाक्टर मर्डर केस में पुलिस भाजपा नेता के भतीजे के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है. इसी क्रम में उसकी जमीनों पर बुलडोजर चला कर कब्जा कर लिया गया है. साथ ही फरार आरोपी के खिलाफ 50 हजार का इनाम घोषित किया गया है. दूसरी ओर मृतक की पत्नी ने मीडिया के सामने बयान देते हुए आरोपी का सर्वनाश होने की बात कही है. मृतक की पत्नी ने कहा कि आरोपियों ने उनके पैर में ड्रिल मशीन से छेद कर दिया था क्योंकि अस्पताल पहुंचने पर वह जीवित थे टांका लगाते समय वह दर्द से कराह रहे थे और आखिर में उनकी सांस थम ही गई.

मृतक संविदा चिकित्सक घनश्याम तिवारी की पत्नी निशा तिवारी ने कहा कि योगी सरकार का बड़ा नाम सुने है. मेरे साथ न्याय किया जाए. उसे कड़ी से कड़ी सजा दी जाए. उसने मेरा नाश किया है उसका भी सर्वनाश हो यही मैं चाहती हूं. निशा ने कहा कि ये अपशब्द मेरे मुंह से निकल रहा है मैं क्या करूं. मैने कभी नहीं सोचा था . बता दें कि इस मामले में भाजयुमो जिलाध्यक्ष चंदन नारायण सिंह के चचेरे भाई भू-माफिया अजय नारायण सिंह पर आरोप लगा है कि उसने शनिवार की शाम उनके पति की नृशंस हत्या की.

ये भी पढ़ें- UP News: उत्तर प्रदेश में बम्पर नौकरी, खाली पदों पर जल्द होगी भर्ती, सीएम योगी ने अधिकारियों को दिया आदेश

पिता को भेजा गया जेल

इस मालमे में दो तहरीर दर्ज की गई है. दूसरी तहरीर में निशा तिवारी ने अजय के पिता जगदीश नारायण सिंह, उसके चाचा भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष गिरीश नारायण सिंह उर्फ बब्बन सिंह, भाजयुमो जिलाध्यक्ष चंदन नारायण सिंह और अज्ञात लोगों का नाम लिया है. सोमवार को शव के अंतिम संस्कार कराने के बाद पुलिस ने अजय व चंदन की चार करोड़ की तीन जमीनों पर बुलडोजर चलाकर अपने कब्जे में ले लिया है और फरार आरोपी अजय पर 50 हजार के इनाम की घोषणा की गई वहीं उसके पिता जगदीश को जेल भेजा गया है. साथ ही साथ डॉक्टर के परिवार को उनकी जमीन पर प्रशासन द्वारा कब्जा दिला दिया गया है.

ई-रिक्शा पर लादकर भेजा था घर

बता दें की डॉक्टर को बुरी तरह के पीटने के बाद आरोपियों ने ई-रिक्शा पर लादकर उनको घर भेजा था. घर पहुंचे पति को इस हालत में देखकर कुछ लम्हों के लिए तो निशा हतप्रभ रह गई लेकिन अगले ही पल वो उन्हें लाद फांदकर राजकीय मेडिकल कॉलेज सुल्तानपुर पहुंची. इस मामले में जानकारी सामने आई है कि, यहां पहुंचने तक डॉक्टर की सांसे चल रही थी. पैर में टांके लगाते समय चार वार्ड बॉय डॉक्टर को पकड़े हुए थे, लेकिन पहले से ही पीड़ा से कराह रहे डॉक्टर की टांके लगते समय चीख निकल जा रही थी और फिर आखिर में उनकी मौत ही हो गई.

डॉक्टर ने रंगदारी देने से किया था इंकार

डॉक्टर की हत्या के मामले में न केवल सुल्तानपुर बल्कि पूरा यूपी हिल गया है. इस मामले को लेकर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भी योगी सरकार को निशाना साधा है तो वहीं डाक्टर की मौत पर अस्पताल में हजारों का मजमा लग गया था. लंभुआ के सुखौली कलां गांव के मूल निवासी डॉक्टर शहर के शास्त्री नगर में किराये का कमरा लेकर रह रहे थे. उन्होंने उसी इलाके में आरोपी अजय से दो बिस्वा जमीन 50 लाख रुपए में खरीदी थी, लेकिन जमीन पर कब्जा देने के लिए वो रंगदारी मांग रहा था. इस पर डाक्टर ने इंकार कर दिया था. इसी के बाद डाक्टर की हत्या कर दी गई. पुलिस ने इस मामले में अजय समेत तीन के विरुद्ध हत्या का मुकदमा दर्ज किया है लेकिन सोमवार को पत्नी ने ये कहते हुए दूसरी तहरीर पुलिस को दी की हमसे पहले सादे कागज पर साइन लेकर पुलिस ने एफआईआर लिखा है.

-भारत एक्सप्रेस

 



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read


Uttar Pradesh Police Mission Shakti Digital