आंध्र प्रदेश की सॉफ्टवेयर इंजीनियर ईस्टर अनुह्या के अपहरण, बलात्कार और हत्या के मामले में दोषी चंद्रभान सानप की सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिल गई है. सुप्रीम कोर्ट ने सानप को सबूत के आभाव में बरी कर दिया है. हाई कोर्ट ने निचली अदालत के फैसले को जघन्यतम मानते हुए फांसी की सजा को बरकरार रखा था.
जिसके बाद दोषी ने हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी. बता दें कि 5 जनवरी 2014 को ईस्टर क्रिसमस की छुट्टियां बिताने के बाद हैदराबाद से लोकमान्य तिलक टर्मिनल पहुची थी. उसे अकेला देखकर धोखे से सानप अपने साथ मोटर साइकिल पर ले गया था.
पीड़िता को घर न छोड़कर रास्ते में सुनसान जगह पर उसने ईस्टर के साथ जबरन बलात्कार किया और विरोध करने पर उसकी हत्या कर दी थी. चंद्रभान सानप को मुंबई सेंशन कोर्ट ने हत्या के आरोप में धारा 302 के तहत फांसी की सजा सुनाई थी. साथ ही धारा 376 A के तहत आजीवन कारावास और अन्य धाराओं में 50 हजार रुपये बतौर जुर्माने की सजा सुनाई थी.
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