Suvendu Adhikari car attack: पश्चिम बंगाल की राजनीति में तनाव का पारा एक बार फिर चढ़ गया है। विधानसभा में विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी की कार पर शनिवार रात पश्चिम मेदिनीपुर के चंद्रकोना रोड पर हुए कथित हमले ने पूरे राज्य को हिला दिया है। सुवेंदु ने इसे तृणमूल कांग्रेस की साजिश बताया, जबकि टीएमसी ने आरोपों को पूरी तरह नकार दिया। घटना के बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय ने तुरंत रिपोर्ट तलब कर ली है और भाजपा ने राज्य भर में विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिए हैं। यह मामला 2026 के विधानसभा चुनाव से पहले सियासी माहौल को और गरमा रहा है।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, सुवेंदु अधिकारी पुरुलिया में अपनी एक जनसभा से लौट रहे थे। रात करीब 8:20 बजे चंद्रकोना रोड बाजार क्षेत्र में उनकी बुलेटप्रूफ गाड़ी के काफिले के सामने टीएमसी समर्थकों की भीड़ खड़ी मिली। सुवेंदु के अनुसार, 12-15 लोगों ने अचानक बांस की छड़ियों से गाड़ी पर हमला कर दिया। उन्होंने दावा किया कि हमलावरों के पास पेट्रोल-डीजल की बोतलें भी थीं और पुलिस मौके पर मौजूद होने के बावजूद चुप रही। सुवेंदु ने इसे “राज्य प्रायोजित हिंसा” करार देते हुए कहा कि यह हमला सिर्फ उन पर नहीं, बल्कि लोकतंत्र पर है।
घटना के बाद धरने पर बैठे सुवेंदु
हमले(Suvendu Adhikari car attack) के तुरंत बाद सुवेंदु सीधे चंद्रकोना पुलिस स्टेशन पहुंचे। उन्होंने हमलावरों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर धरना शुरू कर दिया और पुलिस इंस्पेक्टर रूम में फर्श पर बैठ गए। सुवेंदु ने नौ टीएमसी कार्यकर्ताओं के नामों का हवाला देते हुए लिखित शिकायत दर्ज की और साफ कहा कि दोषियों को सजा नहीं मिलने तक धरना जारी रहेगा। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने टीएमसी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि ममता बनर्जी की हार के बाद से सुवेंदु पर लगातार हमले हो रहे हैं।
सुवेंदु के आरोपों पर TMC का पलटवार
तृणमूल कांग्रेस ने आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए पलटवार किया। प्रवक्ता अरूप चक्रवर्ती ने कहा कि कोई हमला नहीं हुआ, बल्कि लोग “जय बांग्ला” के नारे लगा रहे थे, जिन्हें सुवेंदु सहन नहीं कर पाए। पार्टी के प्रदेश महासचिव कुणाल घोष ने सोशल मीडिया पर लिखा कि सुवेंदु ने खुद भाजपा कार्यकर्ताओं को पीटा और अब ड्रामा कर रहे हैं। वहीं टीएमसी का कहना है कि यह सब विपक्ष द्वारा सनसनी फैलाने की कोशिश है।
एक्शन में आया ग्रह मंत्रालय
घटना की खबर दिल्ली पहुंचते ही केंद्रीय गृह मंत्रालय ने गंभीरता दिखाई और विधानसभा में विपक्ष के नेता के कार्यालय से पूरी रिपोर्ट मांगी है। हमले के वीडियो और तस्वीरें भी केंद्रीय स्तर पर भेजी गई हैं। दूसरी ओर भाजपा ने राज्य के कई जिलों में विरोध प्रदर्शन किए। बांकुड़ा में नेशनल हाईवे-60 जाम किया गया, जबकि पूर्व मेदिनीपुर में कांथी पुलिस स्टेशन के सामने धरना हुआ।
Also Follow Bharat Express on Youtube
-भारत एक्सप्रेस
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

