Swami Chaitanyanand Harassment Case: कथित यौन शोषण के मामले में स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती के खिलाफ कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं. एफआईआर में आरोप है कि चैतन्यानंद ने छात्राओं के साथ अशोभनीय व्यवहार किया और संस्थान में अपनी स्थिति का दुरुपयोग किया.
एफआईआर के अनुसार, चैतन्यानंद छात्राओं को देर रात अपने निजी क्वार्टर में बुलाते थे. खासकर आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की छात्राओं को देर रात चैतन्यानंद के क्वार्टर में उनसे मिलने के लिए मजबूर किया जाता था. सिर्फ यही नहीं, लड़कियों के हॉस्टल में सुरक्षा के नाम पर गुप्त कैमरे लगाए गए थे, जिससे उनकी निजता का हनन हुआ.
आरोप यह भी हैं कि एक छात्रा को उसकी इच्छा के विरुद्ध अपना नाम बदलने के लिए मजबूर किया गया. इसके अलावा, छात्राओं को विदेश यात्राओं और स्वामी के निजी कक्ष में देर रात उपस्थित होने के लिए दबाव डाला जाता था.
स्टाफ सदस्यों पर भी गंभीर आरोप
सहयोगी डीन श्वेता और कुछ अन्य स्टाफ सदस्यों पर भी गंभीर आरोप हैं. एफआईआर के अनुसार, इन लोगों ने स्वामी के यौन आग्रहों को मानने के लिए छात्राओं पर दबाव बनाया और उनकी शिकायतों को नजरअंदाज किया. विरोध करने वाली छात्राओं को निलंबन और निष्कासन की धमकियां दी गईं. इतना ही नहीं, छात्राओं के माता-पिता को हस्तक्षेप करने से रोका गया.
एफआईआर में यह भी खुलासा हुआ कि स्वामी और उनके सहयोगियों की ओर से छात्राओं को व्हाट्सऐप और एसएमएस के जरिए अश्लील और आपत्तिजनक संदेश भेजे जाते थे. इन संदेशों या यौन आग्रहों का विरोध करने पर छात्राओं को डिग्री रोकने और दस्तावेज न देने की धमकियां दी जाती थीं.
एफआईआर में यह भी दर्ज है कि 7 छात्राओं में डर का माहौल है. वे सभी अलग-अलग प्रकार के यौन उत्पीड़न का शिकार हुई हैं. हालांकि, अब वे छात्राएं व्यक्तिगत रूप से सामने आने से डर रही हैं और अपने जीवन को खतरे में महसूस कर रही हैं. उन्होंने पुलिस अधिकारियों से मामले में हस्तक्षेप की मांग की है.
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-भारत एक्सप्रेस
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