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खालिस्तान समर्थकों को लगा करारा झटका, सिडनी में होने वाला जनमत संग्रह कार्यक्रम रद्द

सिडनी मेसोनिक सेंटर ने सिख फॉर जस्टिस के इरादों पर पानी फेर दिया है. एसएफजे की सिडनी में होने वाले जनमत संग्रह के प्रस्तावित कार्यक्रम को एसएमसी ने रद्द कर दिया है.

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सिडनी मेसोनिक सेंटर ने सिख फॉर जस्टिस के इरादों पर पानी फेर दिया है. एसएफजे की सिडनी में होने वाले जनमत संग्रह के प्रस्तावित कार्यक्रम को एसएमसी ने रद्द कर दिया है. कार्यक्रम का आयोजन 4 जून को सिडनी मेसोनिक सेंटर में होने वाला था. बीते दिनों पीएम मोदी से ऑस्ट्रेलियाई पीएम एंथनी अल्बनीस की मुलाकात हुई थी. जिसमें अल्बनीस ने पीएम मोदी को आश्वासन दिलाया था कि चरमपंथी तत्वों के खिलाफ उनकी सरकार सख्त कार्रवाई करती रहेगी. जो भी दोनों देशों के बीच के रिश्ते को खराब करने की कोशिश करेंगे उन्हें करारा जवाब मिलेगा.

वहीं ऑस्ट्रेलियाई मीडिया में चल रही खबरों के मुताबिक, जब से सिख फॉर जस्टिस के कार्यक्रम के आयोजन की बात सामने आई थी. तभी से इसको लेकर शिकायतें और धमकियां दी जा रही थीं. ऐसे में सुरक्षा एजेंसियों की रिपोर्ट को ध्यान में रखते हुए एसएमसी ने कार्यक्रम को लेकर की गई बुकिंग को रद्द कर दिया. एसएमसी के अधिकारियों का कहना है कि उन्हें बुकिंग के समय इस बात की जरा भी जानकारी नहीं थी. खालिस्तान घटना की प्रकृति को समझने में गलती हुई. इसलिए काफी सोच-विचार के बाद कार्यक्रम को रद्द किया गया है. क्योंकि एसएमसी किसी भी घटना का हिस्सा नहीं बनना चाहता है. जो किसी भी समुदाय को नुकसान पहुंचाए.

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रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि एसएफजे के प्रचार कार्यक्रम द्वारा जो बैनर पोस्टर तैयार किए गए थे. उनमें आतंकी गतिविधियों में शामिल रहे लोगों की प्रशंसा की गई थी. जिसकी शिकायत धर्मेंद्र यादव ने की थी. वहीं द ऑस्ट्रेलिया टुडे ने बताया कि ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के दौरान ये भरोसा दिलाया था कि उनकी सरकार चरमपंथी तत्वों के खिलाफ कार्रवाई को जारी रखेगी. जो दोनों देशों के बीच केरिश्ते को तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं. वहीं खालिस्तान संकट के संदर्भ में भारत के विदेश सचिव विनय क्वात्रा ने कहा है कि ऐसे तत्वों पर नकेल कसने के लिए दोनों देशों की सरकारें जरा भी गुरेज नहीं करेंगी. जो भी जरूरी और सख्त कदम हैं वो उठाए जाएंगे.

-भारत एक्सप्रेस



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