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तमिलनाडु चुनाव से पहले कांग्रेस-डीएमके में सीट बंटवारे को लेकर असमंजस

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस और डीएमके के बीच सीट बंटवारे को लेकर असमंजस गहराता दिख रहा है. कांग्रेस की सीटों की बढ़ी हुई मांग और सत्ता में भागीदारी को लेकर दोनों दलों के बीच बीते दो महीनों से कोई ठोस बातचीत नहीं हो पाई है.

Tamil Nadu election
Edited by Vaibhav Gupta

तमिलनाडु में इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर सभी राजनीतिक दलों ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं. राज्य में कांग्रेस द्रविड़ मुनेत्र कषगम (डीएमके) के साथ गठबंधन में है, लेकिन सरकार में वह सहयोगी की भूमिका में नहीं है. ऐसे में कांग्रेस और डीएमके के बीच सीट शेयरिंग और सत्ता में भागीदारी को लेकर खींचतान खुलकर सामने आ रही है.

सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस द्वारा विधानसभा सीटों की मांग 25 से बढ़ाकर 35-40 किए जाने और सरकार में हिस्सेदारी की अपेक्षा जताए जाने के बाद से दोनों दलों की कोऑर्डिनेशन कमेटी की कोई बैठक नहीं हुई है. बीते करीब दो महीनों से इन मांगों पर डीएमके की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आने से गठबंधन के भविष्य को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं.

दिल्ली में कनिमोझी: राहुल गांधी की अहम बैठक

बुधवार को डीएमके संसदीय दल की नेता कनिमोझी ने दिल्ली में कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से मुलाकात की. यह बैठक सोनिया गांधी के आवास 10 जनपथ पर हुई और करीब एक घंटे तक चली. हालांकि, इस दौरान तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के लिए सीट बंटवारे पर कोई ठोस सहमति नहीं बन सकी.

सूत्रों के अनुसार, बैठक में उन लंबित मुद्दों पर चर्चा हुई जिन्हें सुलझाने की आवश्यकता है, लेकिन कांग्रेस को मिलने वाली सीटों की संख्या पर कोई बातचीत नहीं हुई. इस मुलाकात का आधिकारिक विवरण न तो डीएमके और न ही कांग्रेस की ओर से सार्वजनिक किया गया है.

कांग्रेस के प्रति सम्मान का मुद्दा

कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि बैठक के दौरान राहुल गांधी ने डीएमके से आग्रह किया कि पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे द्वारा गठित समिति के साथ सीट बंटवारे से जुड़े मुद्दों पर गंभीरता से बातचीत की जाए. एक सूत्र के अनुसार, बैठक सौहार्दपूर्ण रही, लेकिन कांग्रेस के प्रति सम्मान दिखाने पर विशेष जोर दिया गया.
दरअसल, तमिलनाडु कांग्रेस के नेताओं ने 17 जनवरी को राहुल गांधी को बताया था कि जिला स्तर पर डीएमके के कुछ पदाधिकारी उनके साथ अपेक्षित सम्मानजनक व्यवहार नहीं कर रहे हैं. यह मुद्दा भी बैठक में चर्चा के दौरान उभरा.

सीटों की मांग और डीएमके का रुख

तमिलनाडु कांग्रेस के नेता इस बार विधानसभा चुनाव में कम से कम 35-40 सीटों पर चुनाव लड़ने और सत्ता में समुचित भागीदारी की मांग कर रहे हैं. हालांकि, डीएमके कांग्रेस को पिछली बार की तुलना में बहुत अधिक सीटें देने के पक्ष में नहीं दिख रही है. वर्ष 2021 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने 25 सीटों पर चुनाव लड़ा था और 18 सीटों पर जीत हासिल की थी.

सूत्रों के अनुसार, डीएमके कांग्रेस को 27 या 28 विधानसभा सीटें और संभवतः एक राज्यसभा सीट देने पर विचार कर रही है, जो 2021 में आवंटित सीटों से अधिक है.

डीएमके की नाराजगी और आगे की राह

सूत्र बताते हैं कि राहुल गांधी ने कनिमोझी को स्पष्ट किया कि पांच सदस्यीय समिति को सीटों की संख्या पर बातचीत करने का अधिकार दिया गया है. वहीं, डीएमके ने एआईसीसी प्रभारी गिरीश चोडंकर द्वारा गठबंधन प्रबंधन के तरीके पर नाराजगी जताई और सुझाव दिया कि वार्ता का नेतृत्व किसी वरिष्ठ नेता को करना चाहिए. संभावना है कि आगे की बातचीत में वरिष्ठ पर्यवेक्षक मुकुल वासनिक भी शामिल होंगे.

सवाल उठाना ही अप्रासंगिक

एक अन्य सूत्र के अनुसार, दोनों नेताओं ने तमिलनाडु की राजनीतिक स्थिति और चुनावी रणनीति पर भी चर्चा की. उनका कहना था कि डीएमके के साथ गठबंधन पर सवाल उठाना ही अप्रासंगिक है, क्योंकि गठबंधन को बनाए रखने की मंशा से ही कांग्रेस ने पांच सदस्यीय समिति का गठन किया है.

सूत्रों का कहना है कि डीएमके प्रमुख और मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के कांग्रेस नेतृत्व के साथ अच्छे संबंध हैं, इसलिए यह विवाद जल्द सुलझने की उम्मीद है. दोनों पक्षों ने संकेत दिए हैं कि गठबंधन जारी रहेगा और सीट बंटवारे को लेकर चल रही देरी के कारण पैदा हुई अटकलों को जल्द विराम दिया जाएगा.

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-भारत एक्सप्रेस



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