बिहार की सियासत के सबसे दिलचस्प और सतरंगी किरदारों में से एक, आरजेडी (RJD) सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेजप्रताप यादव (Tej Pratap Yadav) एक बार फिर अपने अतरंगी अंदाज को लेकर चर्चा में आ गए हैं. जन शक्ति जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेजप्रताप इस समय कान्हा की नगरी वृंदावन में हैं, जहां उनका एक बेहद अनोखा रूप देखने को मिला है. इस बार तेजप्रताप सिर्फ दर्शन करने नहीं पहुंचे, बल्कि वे खुद साक्षात ‘श्रीकृष्ण’ के अवतार में नजर आए. पीले रंग की धोती, लाल कुर्ता, सिर पर पारंपरिक मुकुट और हाथ में बांसुरी थामे तेजप्रताप का ये नया लुक इंटरनेट पर आग की तरह वायरल हो रहा है.
वंशीवट पर बजाई मधुर मुरली
दरअसल, तेजप्रताप यादव ने वृंदावन के सबसे पवित्र और ऐतिहासिक स्थानों में से एक ‘वंशीवट’ परिसर का एक वीडियो अपने सोशल मीडिया अकाउंट ‘X’ पर पोस्ट किया है. वीडियो में वे पूरी तरह कान्हा के गेटअप में नंगे पैर खड़े होकर बांसुरी बजा रहे हैं, जबकि उनके चारों तरफ पारंपरिक वेशभूषा में सजी महिलाएं ‘गोपियों’ की तरह झूमकर नृत्य कर रही हैं. पूरे परिसर को फूलों से सजाया गया है और माहौल एकदम द्वापर युग जैसा लग रहा है.
वृंदावन के पावन धाम में स्थित वंशीवट वह दिव्य स्थान माना जाता है जहाँ भगवान श्रीकृष्ण अपनी मधुर बांसुरी बजाते थे। बांसुरी की मोहक धुन सुनकर गोपियाँ और भक्त उनकी ओर खिंचे चले आते थे। मान्यता है कि यहीं से भगवान श्रीकृष्ण ने प्रेम, भक्ति और दिव्य आनंद का संदेश दिया। आज भी वंशीवट… pic.twitter.com/DJ8TGwt6fP
— Tej Pratap Yadav (@TejYadav14) May 30, 2026
वीडियो शेयर करते हुए तेजप्रताप ने लिखा, ‘वृंदावन के पावन धाम में स्थित वंशीवट वह दिव्य स्थान माना जाता है, जहां भगवान श्रीकृष्ण अपनी मधुर बांसुरी बजाते थे. उनकी मोहक धुन सुनकर गोपियां और भक्त उनकी ओर खिंचे चले आते थे.
यूजर्स बोले- ‘गोपियां हायर की या श्रद्धा से आई?’
तेजप्रताप का ये वीडियो जैसे ही सोशल मीडिया पर आया, कमेंट सेक्शन में हंसी के फव्वारे छूट गए और ट्रोलर्स ने मोर्चा संभाल लिया. वीडियो पर मजे लेते हुए एक यूजर ने पूछा, ‘ये गोपियां आपने हायर की हैं या श्रद्धापूर्वक आई हैं मुरलीधर जी?’ वहीं दूसरे यूजर ने लिखा, ‘भगवान कृष्ण ने लाख लीलाएं की होंगी लेकिन कभी BACKGROUND म्यूजिक नहीं लगाया होगा’
हालांकि, ऐसा नहीं है कि सिर्फ लोग मजे ही ले रहे हैं. तेजप्रताप के चाहने वालों और समर्थकों ने उनके इस भक्तिमय रूप की जमकर तारीफ की है. कमेंट्स में हजारों लोगों ने ‘जय श्रीकृष्ण’ और ‘राधे-राधे’ लिखकर उनका स्वागत किया. समर्थकों का कहना है कि राजनीति की मारामारी और व्यस्तताओं के बीच भी तेजप्रताप अपनी धार्मिक आस्था और आध्यात्मिक जुड़ाव को जिंदा रखते हैं, जो उन्हें देश के बाकी सभी राजनेताओं से एकदम अलग और अनूठा बनाता है.
कभी शिव तो कभी संत
वैसे ये कोई पहली बार नहीं है जब लालू के लाल का ऐसा रूप सामने आया हो. तेजप्रताप यादव का भक्ति प्रेम काफी पुराना है और वे इससे पहले भी कई बार रूप बदल चुके हैं. कभी वे भगवान शिव के रूप में नजर आते हैं, तो कभी शंख बजाते हुए. अभी महज तीन महीने पहले ही उन्होंने हाथ में रुद्राक्ष की माला और लाल वस्त्र धारण कर एक संत के रूप में वीडियो डाला था, जिसमें वे शिवभक्तों को द्वेष भूलकर रोज सुबह बेलपत्र चढ़ाने की सीख दे रहे थे.
इतना ही नहीं, अभी पिछले ही हफ्ते वे काशी भी गए थे, जहां उन्होंने बाबा विश्वनाथ मंदिर में करीब 15 मिनट बैठकर ‘ओम नमः शिवाय’ का जाप किया और जलाभिषेक किया था. तब जब मीडिया ने उनसे काशी आने की वजह पूछी थी, तो उन्होंने बड़े ही सरल अंदाज में कहा था, ‘काफी दिनों से मन भटक रहा था, बाबा विश्वनाथ ने याद किया तो सीधे काशी चला आया. यहां आकर मानसिक शांति मिलती है.’
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-भारत एक्सप्रेस
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