राशिद इंजीनियर
टेरर फंडिंग मामले में आरोपी और सांसद राशिद इंजीनियर की संसद सत्र में भाग लेने के लिए अंतरिम जमानत की मांग करने वाली याचिका पर पटियाला हाउस कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है.
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश चंदर जीत सिंह की अदालत 7 मार्च को इस याचिका पर अपना फैसला सुनाएगी. राशिद इंजीनियर ने अपनी याचिका में कहा है कि वे अपने निर्वाचन क्षेत्र के लोगों के प्रति जवाबदेह हैं और संसद सत्र में भाग लेना उनका दायित्व है.
संसद सत्र में भाग लेने की जरूरत
याचिका में कहा गया है कि संसद का दूसरा चरण 10 मार्च से शुरू होकर 4 अप्रैल तक चलेगा. इससे पहले, दिल्ली हाई कोर्ट ने राशिद इंजीनियर को संसद सत्र में भाग लेने के लिए दो दिन की कस्टडी पैरोल दी थी. साथ ही, पटियाला हाउस कोर्ट को उनकी नियमित जमानत याचिका पर जल्द फैसला करने का निर्देश दिया था.
कश्मीरी कारोबारी जहूर वटाली से पूछताछ के दौरान पूर्व विधायक शेख अब्दुल राशिद का नाम सामने आया था. राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने वटाली को कश्मीर घाटी में आतंकवादी समूहों और अलगाववादियों को फंडिंग करने के आरोप में गिरफ्तार किया था.
आरोप तय करने का आदेश
पटियाला हाउस कोर्ट ने 16 मार्च 2022 को हाफिज सईद, सैयद सलाहुद्दीन, यासीन मलिक, शब्बीर शाह, मसरत आलम, राशिद इंजीनियर, जहूर अहमद वटाली, बिट्टा कराटे और आफताब बट्ट उर्फ पीर सैफुल्ला के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश दिया था.
एनआईए के मुताबिक, पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के सहयोग से लश्कर-ए-तैयबा, हिजबुल मुजाहिदीन, जेकेएलएफ और जैश-ए-मोहम्मद जैसे संगठनों ने जम्मू-कश्मीर में आम नागरिकों और सुरक्षा बलों पर हमले किए और हिंसा फैलाई.
1993 में, अलगाववादी गतिविधियों को संगठित करने के लिए ऑल पार्टी हुर्रियत कांफ्रेंस की स्थापना की गई थी. जांच एजेंसियों का मानना है कि इसी संगठन के जरिए घाटी में हिंसा और आतंक को बढ़ावा दिया गया.
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-भारत एक्सप्रेस
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