दिल्ली-एनसीआर में घर खरीदारों की ओर से दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख दिखाया है. कोर्ट ने बिल्डर और बैंक को फटकार लगाते हुए कहा कि दोनों ने मिलकर घर खरीदारों को बंधक बना लिया है.
जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस एन. कोटिश्वर सिंह की बेंच ने संकेत दिया है कि अगली सुनवाई में सीबीआई जांच के आदेश दिए जा सकते हैं. कोर्ट ने कहा कि हम सीबीआई से मामला दर्ज करने के लिए कह सकते हैं और हर बैंक को जांच के दायरे में लाया जाना चाहिए.
बिल्डर-बैंक गठजोड़ की होगी जांच
कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि लोगों ने अपनी मेहनत की कमाई निवेश की, लेकिन बैंक और बिल्डर्स ने उन्हें बंधक बना लिया. कोर्ट ने सुझाव दिया कि इस गठजोड़ की जांच के लिए एसआईटी (विशेष जांच दल) बनाई जानी चाहिए, जो अपनी रिपोर्ट पेश करेगी.
घर खरीदारों की याचिका में कहा गया कि पहले बिल्डरों ने फ्लैट देने में देरी की और बाद में बिना कब्जा दिए ही बैंकों ने उन्हें ईएमआई भरने के लिए मजबूर किया.
RBI दिशानिर्देशों के उल्लंघन का आरोप
याचिकाकर्ताओं ने आरोप लगाया कि रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया (RBI) के नियमों का उल्लंघन करते हुए बैंकों ने लोन राशि को सीधे बिल्डरों के खातों में ट्रांसफर कर दिया. घर खरीदारों को सिर्फ एक माध्यम की तरह इस्तेमाल किया गया. याचिका में यह भी अपील की गई है कि जब तक खरीदारों को उनके फ्लैट का कब्जा नहीं मिलता, तब तक बैंकों को ईएमआई नहीं लेनी चाहिए.
इससे पहले, दिल्ली हाई कोर्ट ने 14 मार्च 2023 को घर खरीदारों की याचिका खारिज कर दी थी. इसके खिलाफ उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की है.
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-भारत एक्सप्रेस
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