7 जुलाई को सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया है. जिसका कारण मुहर्रम है. ये इस्लामी कैलेंडर का पहला महीना होता है और धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है. यह दिन विशेष रूप से शिया मुस्लिम समुदाय के लिए बेहद अहम होता है, क्योंकि इसी दिन पैगंबर मोहम्मद के नवासे इमाम हुसैन की करबला में शहादत को याद किया जाता है.
मुहर्म शोक और बलिदान का प्रतीक
मुहर्रम की 10वीं तारीख को आशूरा कहा जाता है. अशुरा शोक और बलिदान का प्रतीक है. इस दिन शिया समुदाय के लोग ताजिया निकालते हैं. मर्सिया और नौहा पढ़ते हैं तथा इमाम हुसैन की कुर्बानी को याद करते हुए मातम मनाते हैं. वहीं, सुन्नी मुस्लिम रोज़ा रखते हैं और दुआ करते हैं. यह दिन धार्मिक सहिष्णुता, बलिदान और सच्चाई के लिए संघर्ष की भावना को दर्शाता है.
किस दिन मनाये जाएंगे मुहर्रम?
मुहर्रम की तारीख को लेकर शुरुआत में थोड़ा भ्रम था. मुस्लिम समुदाय के लोग असमंजस में थे कि इस बार मुहर्रम 6 जुलाई को पड़ेगा या 7 जुलाई को, क्योंकि इस्लामी कैलेंडर चंद्रमा पर आधारित होता है. लेकिन चांद 26 जून को दिखाई देने के बाद 27 जून को मुहर्रम का पहला दिन माना गया. जिससे 10वां दिन यानी आशूरा 7 जुलाई को तय हुआ.
क्या बैंक और बाजार बंद रहेंगे?
इस दिन भारत के कई राज्यों में स्कूल, कॉलेज, बैंक, सरकारी दफ्तर और डाकघर बंद रहेंगे. हालांकि, आपातकालीन सेवाएं जैसे अस्पताल, पुलिस स्टेशन, फायर ब्रिगेड और फार्मेसी चालू रहेंगी. ट्रेन, मेट्रो और बस सेवाएं भी सामान्य रूप से चलेंगी.
-भारत एक्सप्रेस
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

