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Chandrayaan-3: चंद्रयान-3 की तीन देशों ने खींची तस्वीरें, जानिए चांद की सतह पर क्या कर रहा विक्रम लैंडर

चांद की सतह पर 23 अगस्त की शाम को उतरा लैंडर विक्रम अभी सो रहा है. 5 अगस्त को चांद के दक्षिणी ध्रुव पर रात होने की वजह से उसे स्लीप मोड में डाल दिया गया था.

विक्रम लैंडर की तीन अलग-अलग तस्वीरें

चांद की सतह पर 23 अगस्त की शाम को उतरा लैंडर विक्रम अभी सो रहा है. 5 अगस्त को चांद के दक्षिणी ध्रुव पर रात होने की वजह से उसे स्लीप मोड में डाल दिया गया था. दोबारा जब चांद पर सूर्य की किरणें पड़ेंगी तो फिर से रोवर प्रज्ञान और लैंडर को एक्टिव किया जाएगा. इसी बीच तीन देशों ने लैंडर विक्रम की तस्वीर ली है. जिसको लेकर पूरी दुनिया में चर्चा हो रही है.

मून ऑर्बिटर दनूरी ने ली है तस्वीर

विक्रम लैंडर की तस्वीर इस बार साउथ कोरिया के मून ऑर्बिटर दनूरी ने ली है. दनूरी की तरफ से ली गई तस्वीर में शिवशक्ति प्वाइंट भी साफ दिखाई दे रहा है. जहां पर विक्रम लैंडर ने लैंड किया था. कोरिया एयरोस्पेस रिसर्च इंस्टीट्यूट ने जानकारी देते हुए बताया कि विक्रम लैंडर की ली गई तस्वीर 27 अगस्त की है. इस तस्वीर को लेने का मकसद ये था कि हम भी चंद्रयान-3 के चांद के दक्षिणी ध्रुव पर उतरने की खुशी में शामिल हो सकें. मून के साउथ पोल पर पहली बार कोई यान सही सलामत लैंड हुआ है.

तीन देशों ने खींची तस्वीरें

बता दें कि शिवशक्ति प्वाइंट चांद के दक्षिणी ध्रुव से करीब 600 किलोमीटर दूरी पर है. दनूरी ने जो फोटो क्लिक की है वह 250 सेंटीमीटर प्रति पिक्सेल रेजोल्यूशन की है. इस जगह पर मौजूद चंद्रयान-3 का विक्रम लैंडर दुनियाभर के लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है. इससे पहले अमेरिका के नासा के लूनर रीकॉन्सेंस ऑर्बिटर ने भी विक्रम लैंडर की तस्वीर ली थी.

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लूनर रीकॉन्सेंस ऑर्बिटर की तस्वीर 50 सेंटीमीटर प्रति पिक्सेल रेजोल्यूशन, दनूरी की 250 सेंटीमीटर प्रति पिक्सेल रेजोल्यूशन और चंद्रयान-2 के ऑर्बिटर ने जो तस्वीर खींची है वो 32 सेंटीमीटर प्रति पिक्सेल रेजोल्यूशन की है. तीनों यानों को अलग-अलग समय में लॉन्च किया गया था. जिसमें लगे कमरे अपने समय की बेहतर तकनीक का इस्तेमाल कर रहे हैं. इन तस्वीरों का अध्ययन किया जा रहा है. जिससे तमाम बातें चांद की सतह से निकलकर सामने आ रही हैं.

रात के अंधेरे में चंद्रयान-3 के लैंडर की तस्वीर ली थी

ये तस्वीरें बता रही हैं कि चंद्रयान-3 को लेकर दुनिया में लोगों के अंदर अंतरिक्ष के बारे में जानने का कितना क्रेज है. 5 सितंबर को चांद के उस हिस्से पर रात हो गई थी. जहां पर विक्रम लैंडर को उतारा गया था. ऐसे में अंधेरे में चंद्रयान-3 कैसा दिखता है, इसका पता लगाने के लिए उसके ऊपर से चंद्रयान-2 के ऑर्बिटर को गुजारा गया था. जिसने रात के अंधेरे में चंद्रयान-3 के लैंडर की तस्वीर ली थी. 6 सितंबर 2023 को ली गई तस्वीर में चांद की सतह नीले, हरे और काले रंग की दिखाई दे रही है. इसी के बीच में एक पीले गोले में विक्रम लैंडर दिख रहा है.

-भारत एक्सप्रेस



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