चुनाव आयोग पहुंचे नेताओं ने दी अपनी-अपनी दलीलें (AI IMAGE)
पश्चिम बंगाल में नंदीग्राम और रेजिनगर विधानसभा उपचुनाव की तारीख जैसे-जैसे करीब आ रही है, तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर पार्टी के अधिकार और चुनाव चिन्ह को लेकर घमासान तेज हो गया है. 6 अक्टूबर को होने वाले उपचुनाव से पहले शनिवार को यह विवाद चुनाव आयोग (EC) के दरवाजे तक जा पहुंचा, जहां ममता बनर्जी और नेता प्रतिपक्ष ऋतब्रत बनर्जी के गुटों ने चुनाव आयोग के सामने अपने-अपने दावे पेश किए.
चुनाव आयोग ने दोनों गुटों के प्रतिनिधियों के साथ अलग-अलग दौर में ढाई घंटे से अधिक समय तक सुनवाई की और उनके कानूनी तर्क सुने.
‘ममता ही असली TMC’
ममता बनर्जी गुट की ओर से डेरेक ओ’ब्रायन, कल्याण बनर्जी, सागरिका घोष, साकेत गोखले और वकील अभिनव सिंह के पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने चुनाव आयोग के समक्ष अपनी दलीलें रखीं.
प्रतिनिधिमंडल ने किया कि पार्टी के संगठन पर कोई विवाद नहीं है. विरोध कर रहे विधायकों ने महज पांच महीने पहले ममता बनर्जी के दस्तखत वाले बी-फॉर्म पर ही टीएमसी के चिन्ह पर चुनाव लड़ा था और पार्टी फंड से चुनाव के लिए 25-25 लाख रुपये भी हासिल किए थे. ममता गुट ने विरोधी धड़े को ‘गद्दारों का झुंड’ करार देते हुए कहा कि पार्टी में 2006, 2011, 2017 और 2022 में नियमित सांगठनिक चुनाव हुए हैं.
ऋतब्रत गुट ने की 16 सितंबर से पहले फैसले की मांग
दूसरी तरफ, ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट ने भी मुख्य चुनाव आयुक्त और पूरे आयोग के समक्ष उपस्थित होकर अपने दस्तावेज और मौखिक दलीलें सौंपी. ऋतब्रत बनर्जी ने कहा कि आयोग के हर सवाल का जवाब दिया गया है और शाम तक अतिरिक्त दस्तावेज जमा करा दिए जाएंगे.
उन्होंने चुनाव आयोग से गुजारिश की कि नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि (16 सितंबर) से पहले पार्टी और प्रतीक चिन्ह पर अंतिम फैसला सुनाया जाए, ताकि उम्मीदवारों के नामांकन प्रक्रिया में कोई अड़चन न आए.
अंतरिम आदेश का ममता गुट ने किया विरोध
सुनवाई के बाद सांसद कल्याण बनर्जी ने बताया कि बैठक बेहद सौहार्दपूर्ण माहौल में लगभग ढाई घंटे चली. उन्होंने बताया कि आयोग ने यह सवाल उठाया था कि क्या इस विवाद पर कोई अंतरिम आदेश (Interim Order) जारी किया जा सकता है या नहीं, जिसका ममता बनर्जी गुट ने कड़ा विरोध किया. कल्याण बनर्जी ने यह भी स्पष्ट किया कि बैठक के दौरान फिलहाल चुनाव निशान को जब्त करने जैसी कोई औपचारिक चर्चा नहीं हुई है.
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-भारत एक्सप्रेस
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